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ध्यान दें: कोरोना काल में फेफड़े होंगे मजबूत, लगाएं हल्दी और नीलगिरी के पत्तों से बना ये लेप, जानें फायदे

Mon, 31 May 2021 05:00 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Lungs and turmeric - फोटो : istock
आचार्य मनीष
आयुर्वेदाचार्य, शुद्धि आयुर्वेद

Medically Reviewed by Acharya Manish

कोरोना काल में खुद को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है और खासकर कि हमारे फेफड़ों को। वायरस का संक्रमण फेफड़ों में बढ़ने की वजह से शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के साथ ही कई तरह की दिक्कतें होनी शुरू हो जाती हैं। इसलिए इस वायरस से बचने के लिए हमें अपने फेफड़ों को मजबूत रखना बेहद जरूरी है। आप अच्छा आहार लेकर और रोजाना योग के जरिए भी खुद को फीट रख सकते हैं। वहीं, एक आयुर्वेदिक लेप है, जो आपके फेफड़ों को मजबूत करने में मदद कर सकता है। तो चलिए जानते हैं कैसे आप इसे आसानी से घर पर ही तैयार कर सकते हैं और ये कैसे आपकी मदद कर सकता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस आयुर्वेदिक लेप के ये हैं फायदे
  • इस लेप के कई फायदे हैं, जैसे- फेफड़ों में बड़ी-बड़ी गांठों को कम करने में ये मदद करेगा, निमोनिया से राहत दिलाने में, फेफड़ों में जमे कफ को हटाने में मदद करेगा, फेफड़ों को मजबूत करेगा और फेफड़ों से जुड़ी किसी अन्य समस्या में आराम देने का भी काम करेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये सामग्री चाहिए:-

-कच्ची हल्दी या हल्दी पाउडर
-लहसुन की कली
-अदरक
-आधा प्याज
-यूकेलिप्टिस यानी नीलगिरी के पत्ते।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ऐसे करें तैयार:-

-सबसे पहले आपको हल्दी, लहसुन, अदरक, प्याज और नीलगिरी के पत्तों को एक साथ ग्राइंड कर लेना है।
-इसके बाद इन्हें ग्राइंड करके एक पेस्ट तैयार हो जाएगा, जिसे आप इस्तेमाल कर सकते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
शरीर पर ऐसे लगाएं:-

-तैयार किए हुए पेस्ट को आपको अपने सीने पर लगाना है।
-सीने पर लगाने के बाद एक कॉटन के कपड़े को अच्छे से लपेट लें।
-इससे आपके फेफड़ों में जो कफ जमा होगा, वो ढीला होने में मदद मिलेगी और साथ ही फेफड़ों से जुड़ी अन्य बीमारियो में भी लाभ मिलेगा।

नोट: आचार्य मनीष आयुर्वेद आचार्य हैं, जो आर्युवेद की दुनिया में एक लंबा अनुभव रखते हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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