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कोरोना अलर्ट: पेट से जुड़े इन 5 लक्षणों को हल्के में लेने की न करें भूल, जानें कैसे होगा बचाव

Sat, 19 Jun 2021 05:00 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को परेशान करके रखा है। वहीं, भारत में पहले इस वायरस की पहली लहर आई, और उसके बाद दूसरी लहर। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पहली लहर के मुकाबले काफी तबाही मचाई। जहां एक तरफ काफी संख्या में लोग इस लहर में संक्रमित हुए, तो वहीं दूसरी तरफ इस वायरस ने काफी लोगों की जान भी ली। कोरोना वायरस व्यक्ति के फेफड़ों पर हमला करता है, जिसकी वजह से उसे सांस लेने जैसी दिक्कतें होती हैं और ये परेशानी बढ़ती चली जाती है। भले ही मौजूदा समय में कोरोना के केस घटने लगे हैं और दूसरी लहर ठंडी पड़ती हुई नजर आ रही है, लेकिन हमें लापरवाह नहीं होना है क्योंकि ये वायरस लोगों के पेट पर हमला कर रहा है। तो चलिए जानते हैं कि पेट से जुड़े वो कौन से लक्षण हैं, जिन्हें आपको नजरअंदाज नहीं करना है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
दरअसल, बहुत से जो लोग कोरोना को मात देकर ठीक हुए हैं, उनमें पेट से जुड़ी दिक्कतें सामने आ रही हैं। जब ये वायरस व्यक्ति के शरीर में एंट्री ले लेता है, तो इसके बाद पाचन तंत्र में मौजूद सभी स्वस्थ कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, 53 प्रतिशत रोगी अपनी बीमारी के दौरान कम से कम एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण से पीड़ित थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दिख सकते हैं ये गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लक्षण:-

1. भूख में कमी आना
2. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सूजन और रक्तस्त्राव
3. जी मिचलाना और दस्त लगना
4. एसिड रिफ्लक्स
5. पेट में ऐंठन होना।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इन बातों का ध्यान रखकर कर सकते हैं खुद का बचाव:-

1. ग्रैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं हल्के से गंभीर जटिलताओं तक जा सकती हैं। इससे बचने के लिए उचित आहार लेना चाहिए।

2. अच्छी तरह से पका हुआ खाना खाएं। ऐसा संतुलित आहार लें, जिसमें खाद्य पदार्थ शामिल हों जो आपके शरीर को ठीक करने में मदद कर सके। 

3. खुद को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। वहीं, आप अपनी डाइट में प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स शामिल करें। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो आंत के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।
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जंक फूड - फोटो : पेक्सेल्स
4. पेट में दिक्कत होने पर आप ओआरएस का घोल ले सकते हैं, जो पाचन तंत्र में संतुलन वापस लाने में मदद करता है।

5. आपको ऑयली फूड्स और प्रोसेस्ड खाने का परहेज करना चाहिए। इसकी जगह पर कुछ प्रकार के प्रोटीन, कार्ब्स और फाइबर अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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