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कोरोना जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव: क्या आपके घर में हैं ये 5 मेडिकल डिवाइस, आज ही रखें

Thu, 10 Jun 2021 03:04 PM IST
प्रकाश चंद जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर बड़ी तेजी से आई, और इसने काफी ज्यादा संख्या में लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया। हालांकि, अब कोरोना की दूसरी लहर धीरे-धीरे नीचे की और गिरती हुई नजर आ रही है और लाखों में संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या अब हजारों में आ रही है। लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं कि कोरोना वायरस हमारे बीच से जा चुका है और हम बिना डरे पहले जैसी जिंदगी जी पाएं। बल्कि हमें कोरोना नियमों का अभी भी बड़ी सख्ती से पालन करना चाहिए, क्योंकि कोरोना की तीसरी लहर को लेकर विशेषज्ञ पहले ही आगाह कर चुके हैं। वहीं, कोरोना के साथ-साथ कई ऐसी गंभीर बीमरियां हैं, जिनसे ग्रसित लोगों को इलाज न मिलने की वजह से अपनी जान तक गंवानी पड सकती है। ऐसे में हम आपको कुछ मेडिकल डिवाइस यानी चिकित्सीय उपकरण के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें आपको घर पर रखना चाहिए।
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थर्मामीटर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
थर्मामीटर
  • घर में थर्मामीटर का होना बेहद जरूरी है, क्योंकि नॉर्मल बुखार हो, कोरोना हो, डेंगू हो आदि। इन सभी बीमारियों में शरीर का तापमान काफी बढ़ जाता है, और इसे जांचने के लिए हमें थर्मामीटर की जरूरत होती है। तेज बुखार हमें और भी कई अन्य बीमारियों की चपेट में ला सकता है। इसलिए घर पर थर्मामीटर होने से आप अपने बुखार को नाप सकते हैं, और जब भी 100 से ऊपर बुखार दिखे तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ब्लड प्रेशर मशीन
  • ब्लड प्रेशर एक ऐसी बीमारी है, जिसका बढ़ना और घटना दोनों ही मरीज के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक तक का कारण बन सकता है। ऐसे में अगर आपके घर में किसी को ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो आपको अपने घर पर ब्लड प्रेशर मशीन जरूर रखनी चाहिए। वहीं, समय-समय पर इसकी जांच करते रहना चाहिए और ब्लड प्रेशर को 120/80 के आसपास होना चाहिए। इससे ज्यादा या कम होने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए। 

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oximeter - फोटो : istock
ऑक्सीमीटर
  • कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद मरीज का ऑक्सीजन लेवल तेजी से कम होने लगता है। ऐसे में उसे अस्पताल भर्ती करवाना पड़ता है। लेकिन अगर हमारे घर में ऑक्सीमीटर न हो, तो कई बार हमें मरीज की इस दिक्कत के बारे में नहीं पता चल पाता जिसके कारण गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसलिए घर पर ऑक्सीमीटर रखना चाहिए, और अगर मरीज का ऑक्सीजन लेवल 94 से कम हो तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
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घर पर नेब्यूलाइजर मशीन का होना भी जरूरी है - फोटो : istock
नेब्यूलाइजर
  • आज के समय में काफी लोग अस्थमा या फिर फेफड़ों की समस्या से ग्रसित हैं। इसलिए ऐसे लोगों के घर पर नेब्यूलाइजर मशीन का होना भी जरूरी है। फेफड़ों से जुड़ी दिक्कतों में सूजन व सांस लेने में हो रही समस्या को कम करने के लिए नेब्यूलाइजर के इस्तेमाल से दवाई ली जाती है। वहीं, ये पांच-दस मिनट में फेफड़ों तक आराम पहुंचाने वाली दवाई पहुंचा देता है। इसलिए इसका घर पर होना जरूरी माना जाता है।
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glucometer - फोटो : istock
ग्लूकोमीटर
  • हमारी खराब जीवनशैली की वजह से अधिकतर लोग मोटापे के शिकार हो रहे हैं, जिसकी वजह से डायबिटीज की समस्या भी लोगों में काफी बढ़ रही है। व्यक्ति के शरीर में ब्लड ग्लूकोज का उच्च स्चर किडनी डैमेज, स्ट्रोक और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं को पैदा कर सकता है। ऐसे में डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से अपने ब्लड ग्लूकोज का स्तर चेक करते रहना चाहिए। इसलिए आपके घर पर ग्लूकोमीटर होना जरूरी है।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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