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न करें ये गलती: कहीं इन 6 वजहों से आप भी तो नहीं बना रहे वैक्सीन से दूरी, जरूर लगवाएं कोरोना का टीका

Thu, 08 Jul 2021 12:32 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
डॉ. परवेश मलिक 
फिजिशियन, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, एमडी (जनरल मेडिसिन)

Medically Reviewed by Dr. Parvesh Malik

भारत ही नहीं लगभग पूरी दुनिया को कोरोना वायरस ने अपने कहर से परेशान किया, और ऐसा नहीं कि अब इस वायरस का खतरा टल गया है। बल्कि अभी तो भारत में इसकी तीसरी लहर आने का खतरा बना हुआ है। विशेषज्ञ पहले ही तीसरी लहर की आशंका जाहिर कर चुके हैं। वहीं, इससे पहले इस वायरस की दूसरी लहर ने तो भारत में जमकर कहर बरपाया। हालांकि, अब इस वायरस को मात देने के लिए वैक्सीन है। लेकिन सवाल ये अब भी बना हुआ है कि क्या सभी लोग अपनी मर्जी से और बिना डरे हुए वैक्सीन लगवा रहे हैं? क्या लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर किसी तरह का डर नहीं है? ऐसा इसलिए क्योंकि अब भी भारत में ऐसा लोगों की संख्या काफी है, जो कुछ चीजों को लेकर वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं और अगर आप भी उस लिस्ट में शामिल हैं। तो चलिए आपको वैक्सीन से न डरने की वजहों के बारे में बताते हैं।
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Weakness - फोटो : istock
दरअसल, जहां कुछ लोग वैक्सीन से होने वाले साइड इफेक्ट्स की वजह से टीके से दूरी बनाते हुए नजर आ रहे हैं, तो वहीं कुछ लोगों में भ्रांतियां फैली हुई है और कुछ अफवाहों का शिकार हो गए हैं।

न डरें इन साइड इफेक्ट्स से, जरूर लगवाएं वैक्सीन:-

सिरदर्द

 
  • कोरोना की वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स यानी दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं, जिसमें से एक है सिरदर्द होना। अगर आपको वैक्सीन लगाने के बाद सिरदर्द की शिकायत हो रही है, तो आपको घबराना नहीं है क्योंकि ये वैक्सीन लेने के बाद होता है। आपको डॉक्टर द्वारा दी गई दवाई खाकर आराम करना है, और कुछ देर बाद ये दर्द चला जाएगा। हालांकि, अगर समस्या बढ़ती है तो आपको वैक्सीन सेंटर पर तुरंत संपर्क करना चाहिए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
बुखार आना
  • वैक्सीन लगवाने के बाद आपको हल्का या तेज बुखार भी आ सकता है, क्योंकि ये इसका एक साइड इफेक्ट है। वैक्सीन के समय डॉक्टर आपको दवा देते हैं, उसका सेवन करके आपको आराम करना है, जिसके बाद आपका बुखार धीरे-धीरे करके कम हो जाएगा।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कमजोरी आना
  • कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद कुछ लोगों में कमजोरी आना भी देखा गया है। हमारे शरीर में वैक्सीन जाने से वो अपना असर दिखाती है, जिसकी वजह से आपको कमजोरी जैसा लगता है। लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि आप वैक्सीन नहीं लगवाएं। बल्कि कमजोरी आने पर आपको आराम करना चाहिए, और कुछ समय बाद ये कमजोरी अपने आप दूर हो जाती है।
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कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI
इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द होना
  • कई लोग इस बात से भी डरते हैं कि इंजेक्शन वाली जगह पर भयंकर दर्द हो सकता है। दरअसल, इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द होता है लेकिन सिर्फ 2-3 दिनों के लिए। इसके बाद ये दर्द धीरे-धीरे करके खत्म हो जाता है। इसलिए वैक्सीन जरूर लगवाएं।
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कोरोना का कहर - फोटो : पीटीआई
इन अफवाहों के चक्कर में वैक्सीन से मत बनाए दूरी, जरूर लगवाएं टीका:-

मौत हो सकती है?
  • कई लोगों में इस बात की अफवाह फैली हुई है कि अगर वे वैक्सीन लगवाते हैं तो उनकी मौत हो सकती है। वैज्ञानिक और डॉक्टर इस बात को सत्य नहीं मानते हैं, और अब तक ऐसा कोई मामला भी सामने नहीं आया है जिसके आधार पर इस बात को सही ठहराया जा सके। इसलिए ये महज एक अफवाह है, और आपको इस अफवाह से दूरी बनाकर अपनी बारी आने पर वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
नपुसंक हो सकते हैं
  • वैक्सीन को लेकर ज्यादातर अफवाह गांव के दूर-दराज इलाकों में फैली है। एक अफवाह ये भी सामने आ रही है कि लोगों को लगता है कि कोरोना का टीका लगाने से वे नपुसंक हो जाएंगे, जो पूरी तरह गलत है। वैक्सीन लेने के बाद ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, और न ही ऐसा कोई मामला अब तक सामने आया है। इसलिए बिना डरे हर किसी को कोरोना की वैक्सीन जरूर लेनी चाहिए।

नोट: डॉ. परवेश मलिक एक फिजिशियन हैं और वर्तमान में पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत हैं। डॉ. मलिक ने हरियाणा के महर्षि मार्कंडेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ साइंसेज एंड रिसर्च मुल्लाना, से अपना एबीबीएस पूरा किया है। इन्होंने जनरल मेडिसिन में एमडी भी किया। पानीपत के उजाला सिग्नस महाराजा अग्रसेन अस्पताल में काम करने से पहले डॉ. परवेश ने एम.एम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर काम किया है।  

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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