फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलर्ट: कोरोना से ठीक होने के बाद भी नहीं आ रहा खाने में स्वाद और गंध, तो ये तरीके कर सकते हैं मदद

Tue, 01 Jun 2021 05:00 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन
अनुभव- 25 साल

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने पहली लहर के मुकाबले काफी संख्या में लोगों को अपना शिकार बनाया और काफी लोगों की जान भी ये वायरस अब तक ले चुका है। हर दिन इस वायरस से काफी लोग संक्रमित हो रहे हैं, ऐसे में इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए अब भी लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। यही नहीं, अगर हमें इस वायरस से बचकर रहना है तो हमें बिना किसी काम के फालतू घर से बाहर नहीं जाना चाहिए। साथ ही हमें मास्क जरूर पहनना चाहिए और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, एक अच्छी खबर ये जरूर है कि हर दिन इस वायरस को मात देकर काफी संख्या में लोग अपने-अपने घर भी लौट रहे हैं। लेकिन जो लोग कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक हो रहे हैं, उनमें कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी देखे जा रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा मामले वो हैं, जिनमें मरीजों को ठीक होने के बाद गंध और स्वाद आने में समय लग रहा है। तो चलिए आपको कुछ तरीके बताते हैं, जो शायद आपकी मदद कर पाएं।
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
कम खाना न खाएं
  • कोरोना से संक्रमित हुए मरीजों को ठीक होने के बाद भी स्वाद और गंध नहीं आ रही है। साथ ही स्वाद न आने की वजह से भी उनकी खाने की इच्छा भी नहीं होती है। ऐसे में कम खाने के कारण मरीज का वजन घटने लगता है। इसलिए कोरोना से ठीक होने के बाद भी आपको एक अच्छी डाइट लेनी है।
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : istock
ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी
  • कोरोना से संक्रमित होने की वजह से मरीज को स्वाद और गंध नहीं आ पाते हैं। लेकिन जब किसी चीज की गंध महसूस नहीं होती है, तो इसे एनोस्मिया कहते हैं। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि अगर आपको गंध महसूस न होने वाली दिक्कत पांच-छह महीने तक रहती है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ये उपाय आ सकते हैं काम

-जिन लोगों को गंध नहीं आ रही है उन्हें गंध प्रशिक्षण करना चाहिए।
-ऐसे लोगों को वो चीजें सूंघनी चाहिए, जिनमें गंध काफी तेज आती है। इससे सहायक संवेदी सहायक कोशिकाएं उत्तेजित होकर सक्रिय हो सकती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
-कपूर, हींग, सरसों का तेल, परफ्यूम (इत्र) आदि को 15-20 मिनट तक सूंघें। ऐसा आप रोजाना दिन में दो-तीन बार कर सकते हैं।
-आप स्वाद के लिए अदरक या फिर कच्चा लहसुन भी चबा सकते हैं।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्याधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें