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अलर्ट: कोरोना में इन 4 दवाओं का खुद से सेवन करना खतरनाक, डॉक्टर की सलाह जरूरी

Tue, 08 Jun 2021 05:54 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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corona patient - फोटो : istock
डॉ. राजन गांधी
फिजिशियन

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

देश में कोरोना की दूसरी लहर के आने के साथ ही कई तरह की दिक्कतें भी सामने आईं। इनमें अस्पताल में बेड की कमी, ऑक्सीजन की किल्लत के साथ ही दवाओं की कमी भी साफ देखी गई। दूसरी लहर में ही सबसे ज्यादा संक्रमित सामने आए और काफी लोगों की जान भी गई। जो लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं, उनमें से ज्यादातर लोगों का इलाज घर पर ही हो जाता है। जबकि कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में तो डॉक्टर की मरीज की देखरेख करते हैं, लेकिन घर में मरीज को डॉक्टर के संपर्क में रहना पड़ता है और उनके परामर्श के अनुसार ही चीजों को करना पड़ता है। लेकिन कुछ लोगों की आदत होती है कि वो खुद डॉक्टर बन जाते हैं, और खुद से दवा का सेवन करने लगते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि चार दवाएं ऐसी हैं, जिन्हें कोरोना में आपको बिना डॉक्टर के कहे नहीं लेना चाहिए? शायद नहीं, तो चलिए जानते हैं इन दवाओं के बारे में।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्टेरॉयड
  • आपको स्टेरॉयड का अपनी मर्जी से कभी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आमतौर पर इस दवा का इस्तेमाल सूजन कम करने के लिए किया जाता है। डॉक्टर भी इसका इस्तेमाल अस्पताल में सिर्फ नाजुक या गंभीर स्थिति में ही करते हैं। ऐसे में आपको कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह के अपनी मर्जी से इसका इस्तेमाल नहीं करना है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एंटीकोआगुलंट्स
  • एंटीकोआगुलंट्स डॉक्टर की सिफारिश पर मध्यम या फिर गंभीर मामलों में ही मरीजों को दी जाती है। घर पर इसका खुद से इस्तेमाल करना खतरनाक हो सकता है। एंटीकोआगुलंट्स क्लॉटिंग को कम करने यानी आमतौर पर ब्लड को पतला करने का काम करता है। इससे शरीर में रक्त के जमाव को रोका और कम किया जाता है।

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रेमेडिसिविर इंजेक्शन - फोटो : PTI
रेमडेसिविर इंजेक्शन
  • कोरोना के इलाज में इस्तेमाल होने वाली रेमडेसिविर इंजेक्शन का इस्तेमाल घर पर करने के लिए नहीं है यानी इस दवा का इस्तेमाल घरेलू इस्तेमाल के लिए नहीं है। इस दवा को सिर्फ अस्पताल में और वो भी डॉक्टर के निर्देश अनुसार ही दिया जा सकता है। जो लोग कोरोना से संक्रमित होते हैं, और गंभीर लक्षण में पूरक ऑक्सीजन के जरूरतमंद मरीजों को ही इसका इंजेक्शन दिया जाता है। ऐसे में आपको भूलकर भी कभी अपनी मर्जी से इसका इस्तेमाल नहीं करना है।
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टोसीलिजुमैब इंजेक्शन - फोटो : Social media
टोसिलिजुमैब
  • टोसिलिजुमैब का इस्तेमाल भी कोरोना जैसी गंभीर बीमारी में होता है, लेकिन इसे सभी मरीजों को नहीं दिया जाता। जब मरीज को स्टेरॉयड दिए हुए 24-48 घंटे हो जाते हैं, और तब भी उसकी हालत में कोई सुधार नजर नहीं आता है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर अपने हिसाब से इस दवा को मरीज को देते हैं। लेकिन आपको कभी भी इसका इस्तेमाल अपनी मर्जी से नहीं करना चाहिए।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में  डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह आईसीएचएच से वह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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