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Coronavirus: कोरोना से जंग में बड़ी कामयाबी, वायरस से लड़ने वाले 69 दवाओं की पहचान की गई

Tue, 24 Mar 2020 10:41 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Research
चीन से शुरू हुए कोरोना वायरस के दुनियाभर में बढ़ते संक्रमण के बीच कई देशों में कोरोना के वैक्सीन और दवा को लेकर रिसर्च जारी है। हालांकि अबतक इसका पुख्ता इलाज सामने नहीं आया है, लेकिन कई सारे शोधों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अमेरिका में जहां वैक्सीन का मानव शरीर पर परीक्षण किया जा चुका है, वहीं दूसरी ओर भारतीय कंपनी सिप्ला और जापानी कंपनी टाकेडा फॉर्मा ने इसकी दवा बनाने के संबंध में दावा किया है। इस बीच एक और राहत भरी खबर सामने आ रही है। वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से लड़ने वाले 69 दवाओं की पहचान कर ली है। दो दर्जन दवाएं पहले से ही परीक्षण में है, जबकि मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा क्लोरोक्वीन के भी ठीक परिणाम सामने आ रहे हैं।
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Corona - फोटो : PTI
चीन में फॉस्फेट के उत्पादन की जांच करने वाले एक कर्मी ने यह सिद्ध किया है कि मलेरिया की दवा क्लोरोक्वीन कोरोना के खिलाफ काम कर सकती है। हालांकि अभी इसके इस्तेमाल में जोखिम भी हो सकता है। फिलहाल शोधकर्ताओं की टीम ने सोमवार की रात बताया कि कोरोना के इलाज में 69 दवाएं प्रयोगात्मक तौर पर प्रभावी हो सकती हैं। वैज्ञानिकों ने कहा कि कुछ दवाओं का उपयोग पहले से ही अन्य बीमारियों के इलाज में किया जाता रहा है। मालूम हो कि कोरोना(Covid-19) के लिए अबतक कोई दवा सामने नही बन पाई है।
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coronavirus Infection - फोटो : PTI
वैज्ञानिकों ने जिन 69 दवाओं की पहचान की है, उनकी सूची बायोरेक्सिव वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में दिखाई गई है। शोधकर्ताओं ने इसके प्रकाशन के लिए एक पत्रिका को यह रिपोर्ट प्रस्तुत की है। मालूम हो कि सैकड़ों शोधकर्ताओं ने कोरोनो वायरस के जीन पर एक असामान्य अध्ययन किया है, जिसे सार्स-कोव-2(Sars-CoV-2) भी कहा जाता है। यह जीन फेफड़े की कोशिका को संक्रमित करता है और इसके लिए उस वायरल प्रोटीन को रोकने की जरूरत है जो कोरोना को बढ़ावा देता है।

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Research - फोटो : अमर उजाला
नई स्टडी में वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 29 जीनों में से 26 की जांच की गई है, जो वायरल प्रोटीन का प्रत्यक्ष उत्पादन करते हैं। ऐसे 332 मानव प्रोटीन को शोधकर्ताओं ने कोरोना वायरस द्वारा लक्षित पाया। शोधकर्ताओं ने ऐसी दवाओं की पहचान की है, जो मानव प्रोटीन पर भी असर करती हैं, जो कि कोरोना वायरस को मानव कोशिकाओं में प्रवेश करने से रोकती है। शोधकर्ताओं ने ऐसे अभ्यर्थियों के बीच जांच की, जो अब क्लिनिकल टेस्ट किया है, जो अब भी परीक्षण में हैं। 
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Medicine - फोटो : pixa
बताया जा रहा है कि इस सूची में एंटीबायोटिक्स भी शामिल हैं, जो प्रोटीन बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सेलुलर मशीनरी को कम करके बैक्टीरिया को मारते हैं। उन दवाओं में से कुछ मानव प्रोटीन से जुड़ी होती हैं। नई स्टडी में संभावना जताई जा रही है कि इसका प्रभाव एंटीवायरल उपचार हो सकता है। सूची में शामिल दवा क्लोरोक्वीन भी एकल-कोशिका वाले परजीवी को मारने में कारगर है। हालांकि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इन्फेक्शंस डिजीज के निदेशक डॉ एंथोनी फौसी के मुताबिक अभी इसके कोई सबूत नही मिले हैं कि क्लोरोक्वीन कोरोना को नष्ट करने में सक्षम है। वहीं, इन 69 दवाओं की पहचान कोरोना का उपचार ढूंढने में  कारगर साबित हो सकती है। 


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