फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Covid 19 Test: आपको कोरोना है या नहीं, मात्र 10 मिनट में रिपोर्ट देगी यह जांच किट

Tue, 02 Jun 2020 03:04 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
कोरोना जांच किट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
देश में चार चरणों में लगाए गए लॉकडाउन के बाद अब अनलॉक का पहला चरण शुरू हो चुका है। लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले भी हर दिन बढ़ रहे हैं। इसके इलाज के लिए दवा और उपाय के लिए वैक्सीन तैयार करने की कोशिश जारी है। कोरोना संक्रमण के खिलाफ इस जंग में सबसे पहली चुनौती इसकी जांच को लेकर है। अबतक जांच के लिए जो तरीके अपनाए जा रहे हैं, उनमें रिपोर्ट के लिए कुछ दिन इंतजार करना पड़ रहा है। रिपोर्ट आने तक ही संदिग्ध व्यक्ति से संक्रमण दूसरों को फैल चुका होता है। ऐसे में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की जल्दी पहचान होनी जरूरी है। हाल में हुए एक शोध  के बाद एक ऐसी जांच किट तैयार की गई है, जो महज 10 मिनट में रिपोर्ट बता देगी। 
विज्ञापन

2 of 7
कोरोना जांच किट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social Media
कोविड-19 की पहचान के लिए वैज्ञानिकों ने जो प्रायोगिक किट तैयार की है, उसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उससे 10 मिनट में कोरोना संक्रमण का पता चल जाएगा। शोधकर्ताओं का दावा है इस जांच किट की मदद से कोरोना की जांच में तेजी आने की उम्मीद है। 
विज्ञापन

3 of 7
कोरोना (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pexels
  • मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन विश्वविद्यालय (यूएमएसओएम) के शोधकर्ताओं ने यह किट तैयार किया है। एसीएस नैनो नामक जर्नल में इस शोध की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस प्रायोगिक जांच में मरीज के नाक और लार के नमूने लेकर 10 मिनट की प्रक्रिया में आरएनए प्राप्त किया जाता है। शोध के मुताबिक, इस जांच किट में साधारण सोना के नैनो कण होते हैं, जो वायरस की उपस्थिति में रंग बदलते हैं। इससे पता चल जाता है कि व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव है या नहीं। 

4 of 7
कोरोना जांच (File Photo) - फोटो : PTI
  • शोधकर्ताओं ने बताया कि आमतौर पर वायरस का विश्लेषण करने के लिए उसके आनुवांशिकी की प्रतिकृति बनानी पड़ती है, लेकिन इस जांच में किसी उन्नत प्रयोगशाला तकनीक की आश्यकता नहीं पड़ती। प्रमुख शोधकर्ता दीपांजन पैन के मुताबिक, उन्हें इस जांच पर भरोसा है कि संक्रमण के पहले दिन से ही वायरस के आरएनए तत्वों का पता लगाने में मदद मिलेगी। 
विज्ञापन

5 of 7
Research
हालांकि, पैन ने यह भी कहा कि इस जांच की विश्वसनीयता को परखने के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि जांच के दौरान कोरोना वायरस की आनुवांशिकी के क्रम में मौजूद प्रोटीन का पता लगाने के लिए विशेष कण का प्रयोग किया जाता है। बायोसेंसर जब आनुवांशिकी क्रम से जुड़ते हैं तो सोने के नैनोकण प्रतिक्रिया करते हैं और तरल पदार्थ बैंगनी से नीले रंग में बदल जाते हैं।
विज्ञापन

6 of 7
Research
किफायती साबित होगा
  • पैन के मुताबिक, आरएनए आधारित जांच वायरस से संक्रमण का पता लगाने के मामले में बहुत प्रामाणिक है। उनका दावा है कि प्रयोगशाला में होने वाली कोविड-19 मानक जांच के मुकाबले यह कम महंगा होगा। पैन ने कहा किसी भी कोविड-19 जांच की सटीकता वायरस के भरोसेमंद तरीके से पता लगाने पर आधारित होता है। इसका मतलब है कि वायरस की मौजूदगी होने पर गलत जानकारी नहीं दे
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
शोध - फोटो : फाइल फोटो
  • इस जांच में प्रयोगशाला के उपकरणों और प्रशिक्षित व्यक्तियों की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिकों ने बताया कि इस जांच का इस्तेमाल नर्सिंग होम, अस्पताल परिसर और अन्य कार्यस्थलों पर किया जा सकता है। संक्रमण की जो स्थिति बन रही है, उसके मुताबिक यह जांच किट बेहतर प्रयोग साबित हो सकती है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें