भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण में पहले की अपेक्षा काफी कमी आई है और विशेषज्ञ इसकी वजह मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का पालन करने और हाथ धोने के साथ-साथ कोरोना की जांच को भी मानते हैं। अब तो एक दिन में लाखों लोगों की जांच की जाती है जबकि पहले यह संख्या हजारों में थी। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक, बीते रविवार को आठ लाख 55 हजार से अधिक नमूनों की जांच की गई और इसी के साथ जांच किए गए नमूनों की संख्या बढ़कर अब 15 करोड़ 45 लाख 66 हजार से अधिक हो गई है। भारत में वैसे तो कोरोना की जांच कई प्रकार से की जाती है, जिसमें 'आरटी-पीसीआर' टेस्ट भी शामिल है। अब स्पाइसहेल्थ ने देश में 'ड्राई स्वाब आरटी-पीसीआर' जांच शुरू करने के लिए अनुसंधान संगठन सीएसआईआर-सीसीएमबी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है।