कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
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डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस टेस्ट में नाक से लिए गए स्वाब सैंपल को लैब में जांचने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि जहां सैंपल लिया गया, वहीं इसकी जांच हो जाती है। यह टेस्ट CRISPR जीनोम एडिटिंग तकनीक पर आधारित है। इसी तकनीक की खोज के लिए वैज्ञानिकों इमानुएल शॉपोंतिये और जेनिफर ए डुडना को इस साल रसायन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार मिला। इसी तकनीक पर आधारित जांच विकसित की गई है।