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Coronavirus: क्या कोरोना होने पर सूंघने की शक्ति चली जाती है? जानें क्या कहती है स्टडी

Tue, 24 Mar 2020 12:14 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
कोरोनावायरस से संक्रमित एक मां को उसके बच्चे के डायपर की गंध नहीं मिली, जबकि बच्चे का डाइपर फुल था। वहीं रेस्तरां के रसोइयों को भोजन का स्वाद और लहसुन की गंध नहीं महसूस हुई। कुछ और संक्रमितों का कहना है कि वे शैंपू की खुशबू या कूड़े की दुर्गंध नहीं मिल पाई। उम्र के साथ सूंघने और स्वाद लेने की शक्ति कम होने की बीमारी एनोस्मिया भी कोरोना वायरस संक्रमण के संभावित लक्षणों में दिख रही है। नाक, कान और गला विशेषज्ञ ब्रिटिश चिकित्सकों ने दुनियाभर के डॉक्टरों से कोरोना संक्रमितों की जो रिपोर्ट ली, उनमें ऐसी बातें सामने आई हैं। तो क्या कोरोना से संक्रमित होने पर सूंघने और स्वाद लेने की शक्ति खत्म हो जाती है? आइए जानते हैं इस बारे में मेडिकल स्टडी क्या कहती है: 
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फ्रांस और ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का कोरोना के लक्षणों को लेकर चौंकाने वाला दावा किया गया है।  कोरोना संक्रमित मरीजों का निरीक्षण कर रहे फ्रांसीसी वैज्ञानिकों का मानना है कि सूंघने और स्वाद की शक्ति कम होना भी कोरोना का लक्षण हो सकता है। ऐसे लक्षण 66 प्रतिशत मरीजों में देखे गए। इससे पहले हुई एक स्टडी में कोरोना संक्रमण के 30 फीसदी मरीजों में डायरिया के लक्षण भी दिख चुके हैं। 
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फ्रांसीसी स्वास्थ्य सेवा के प्रमुख जेरोम सलोमन के मुताबिक अचानक सूंघने की शक्ति गायब हो जाना खतरनाक होता है और यह कोराना का लक्षण हो सकता है। उनका कहना है कि खासकर युवाओं में ऐसा लक्षण होना चिंता का विषय हो सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार यह तब और ज्यादा गंभीर हो सकता है, जब सूंघने की शक्ति कमजोर होने के कारण पीड़ित एलपीजी(घरेलू गैस), प्लास्टिक या वायरिंग के जलने या फिर खाना के खराब होने की गंध नहीं महसूस कर पाता है। 

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कोरोनावायरस - फोटो : PIB
विशेषज्ञों का मानना है कि सूंघने की शक्ति कम होने पर भी आमतौर पर लोग भी चेकअप या इलाज करानो की जरूरत टाल देते हैं। ऐसे में गंभीर खतरा होने की आशंका बनी रहती है। ब्रिटेन में कान, नाक और गला रोग विशेषज्ञों का प्रतिनिधित्व करने वाले संघ 'ईएनटी यूके' ने सुझाव दिया है कि लोगों को खुद को आत्म-पृथक(सेल्फ आइसोलेशन) करने के लिए वर्तमान में दिखने वाले कोरोना के लक्षणों में सूंघने की शक्ति कम होने को शामिल कर लेना चाहिए।
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वुहान एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच करते सुरक्षाकर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
ब्रिटिश राइनोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इनमें सूंघने की शक्ति कम होने के लक्षण भी पाए जा रहे हैं। इस स्टडी के अनुसार गंध महसूस नहीं होने की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होती है। उनके लिए यह परेशानी हो सकती है, क्योंकि महिलाएं रसोई में एलपीजी पर खाना बनाने का काम करती हैं। सूंघने की यह प्राकृतिक क्षमता कम होना 'एनोस्मिया' की स्थिति में पहुंचा सकता है। 
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