दुनिया के कई वैज्ञानिकों ने पहले ही यह आशंका जताई थी कि सर्दियों के मौसम में कोरोना वायरस का संक्रमण और बढ़ सकता है, लेकिन अब तो यह भी देखने को मिल रहा है कि ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी कोरोना के खतरे को और बढ़ा दिया है और कहा जा रहा है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, वैसे-वैसे लक्षण वाले कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है कि सांस संबंधी बीमारियों और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है। आईसीएमआर यानी भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव बताते हैं कि अमेरिका और .यूरोप में हुए कुछ अध्ययनों में यह पता चला है कि कोरोना से होने वाली मौतों के लिए प्रदूषण भी कुछ हद तक जिम्मेदार है।