कोरोना वायरस के बारे में पहले के मुकाबले वैज्ञानिकों ने काफी कुछ जानकारी हासिल कर ली है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ ऐसा है, जिनके बारे में उन्हें जानने की जरूरत है। जैसे कि, एंटीबॉडीज कब तक शरीर में रहती है और दोबारा संक्रमण की क्या और कितनी संभावना है, हर्ड इम्यूनिटी कारगर होगी या नहीं? इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने के लिए एक वैज्ञानिक ने फिर से खुद को संक्रमित कर लिया। उस वैज्ञानिक का कहना है कि उन्होंने कोरोना के प्रति इम्यूनिटी को ज्यादा बेहतर ढंग से समझने के लिए ऐसा किया। इस वैज्ञानिक का नाम प्रोफेसर अलेक्जेंडर शिपरनो है। वह फरवरी में फ्रांस की यात्रा पर गए थे, तभी पहली बार कोरोना से संक्रमित हुए थे। उसके बाद वो बिना अस्पताल गए कुछ ही दिनों में ठीक भी हो गए थे।