प्रतीकात्मक तस्वीर
वैज्ञानिक फिलहाल मौजूद दवाइयों और प्रयोगात्मक तौर पर हुए इस परीक्षण से आशा कर रहे हैं कि इस महामारी को कम किया जा सके। सैन रफाले अस्पताल के इम्युनोलॉजी एलर्जी विभाग के प्रमुख डॉ. डगना के मुताबिक, जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक हमलोगों को कोविड-19 बीमारी से बचाने के लिए उपाय सोचने होंगे। एक ऐसा एक ऐसा इलाज, जिसके पहले से ही कई सेफ्टी टेस्ट हो चुके हों और वह महामारी से निपटने के लिए पर्याप्त आपूर्ति में उपलब्ध हो ऐसा ही इलाज सही होता है।