प्रतीकात्मक तस्वीर
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स्पाइक प्रोटीन में म्यूटेशन, वैक्सीन को लेकर सवाल खड़े करता है, क्योंकि तीनों प्रमुख टीके - फाइजर, मॉडर्ना और ऑक्सफोर्ड - सभी प्रतिरक्षा प्रणाली को स्पाइक पर हमला करने के लिए प्रशिक्षित करते हैं। हालांकि, शरीर स्पाइक के कई हिस्सों पर हमला करना जानता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य अधिकारी आश्वस्त हैं कि वैक्सीन इस प्रकार पर काम करेगी। ये वायरस पहले जानवरों में पाया गया, जिसके बाद एक साल पहले ये इंसानों में आ गया। तब से इसमें हर महीने करीब दो बदलाव हो रहे हैं। अगर आज एक सैंपल लिया जाए और उसकी तुलना चीन के वुहान में सबसे पहले मिले सैंपल से की जाए तो पाएंगे कि तब से अब तक करीब 25 म्यूटेशन हो चुके हैं।