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इस थेरेपी से होगा कोरोना का 100 फीसदी इलाज, अमेरिकी शोधकर्ताओं का दावा

Mon, 18 May 2020 05:10 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
कोरोना वायरस के संकट से इस समय दुनियाभर के कई देश परेशान हैं। इस महामारी से बचने के लिए अभी तक कोई भी असरदायक इलाज नहीं है। दुनियाभर के कई वैज्ञानिक लगातार इलाज से लेकर वैक्सीन बनाने पर शोध कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका के सीडर-सिनाई मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने कोरोना इलाज को लेकर ऐसी रिसर्च की है, जो इस घातक वायरस से बचने में बहुत कारगर साबित हो सकती है।
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फ्रांस में कोरोना की जांच के लिए नमूना एकत्र करती महिला स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : PTI
जर्नल बेसिक रिसर्च इन कार्डियोलॉजी में छपी इस रिसर्च के मुताबिक कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज हार्ट सेल थेरेपी से करने की तैयारी की जा रही है। इस थेरेपी में लैब में विकसित हृदय की कोशिकाओं को मरीज के शरीर मे इंजेक्ट किया जाता है। ये कोशिकाएं शरीर में इम्यून सिस्टम को मजबूत करती हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक ये कोशिकाएं शरीर में एक खास तरह के एक्सोसोम्स छोड़ती हैं, जो पूरे शरीर मे घूम कर कई बीमारियों में सूजन को कम करते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
इस थेरेपी को CAP-1002 के तौर पर जाना जाता है, जिसमें कार्डियोस्फेयर डेराइव्ड सेल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इन कोशिकाओं को लैब में इंसानी दिल के कोशिकाओं से तैयार किया जाता है। शोधकर्ताओं का दावा है कि शुरुआती प्रयोग में कुछ कोरोना संक्रमित मरीज इस थेरेपी से ठीक हुए हैं। इतना ही नहीं शोधकर्ताओं का दावा ये भी है कि इस थेरेपी से मरीज में कोई साइड इफेक्ट नहीं दिखा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं के मुताबिक इस थेरेपी का प्रयोग अभी तक कोरोना के 6 मरीजों पर किया गया है। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ थी। हार्ट सेल थेरेपी से 5 ऐसे मरीज ठीक हुए, जो वेंटिलेटर पर थे। वहीं एक मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ी। इस थेरेपी के 3 हफ्तों के बाद सभी मरीजों को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI
शोधकर्ता अब इस रिसर्च को बड़े स्तर पर ट्रायल करने की तैयारी की जा रही है। अगर यह ट्रायल सफल रहा तो कोरोना वायरस के इलाज में बहुत मदद मिलेगी।
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