प्रतीकात्मक तस्वीर
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इससे पहले, हैदराबाद के सीसीएमबी और अपोलो अस्पताल के शोधकर्ताओं ने कुरनूल में कोविड-19 के दो मामले दर्ज किए थे, लेकिन वो N440K वैरिएंट से संबंधित नहीं थे। हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा था कि उनके काम से पता चला है कि स्पाइक प्रोटीन में उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) के कारण कोविड-19 दोबारा संक्रमण का कारण बन सकता है।