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Coronavirus: अगर आप भी खाते हैं विटामिन-डी की गोली, तो जान लें कोरोना वायरस से जुड़ी ये खास बात

Thu, 17 Dec 2020 08:48 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
एक्सपर्ट्स के एक समूह ने कहा है कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं कि विटामिन डी के सप्लिमेन्ट्स खाने से कोविड-19 से किसी तरह का बचाव होता है। इस समूह में नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और साइंटिफिक एडवाइजरी कमिटी ऑन न्यूट्रीशन के डॉक्टर हैं। इनका कहना है कि इस विषय में और अधिक रिसर्च की जरूरत है। लेकिन हर किसी को रोजाना सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जा रही है ताकि लोग सर्दियों में अपनी हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रख सकें। ब्रिटेन में जरूरतमंदों को ये सप्लीमेंट्स मुफ्त में बांटे जा रहे हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
स्वास्थ्य अधिकारियों ने विटामिन डी और कोविड-19 को लेकर एक त्वरित समीक्षा की और एक लघु अध्ययन में पाया कि ये संभव है कि विटामिन डी का असर शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता हो जिससे शरीर को श्वास तंत्र पर हमला करने वाले वायरस से लड़ने में मदद मिलती है। लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि ये विटामिन कोरोना वायरस को रोक सकता है या उसके इलाज में मददगार है इसके 'पर्याप्त सबूत नहीं' हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्य जानकारों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए उच्च स्तरीय रैंडमाइज कंट्रोल्ड ट्रायल की जरूरत है। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस के सेंटर फॉर गाइडलाइंस के निदेशक डॉ. पॉल क्रिस्प ने बताया, 'हम ऐसे अध्ययन में मिले सबूतों पर नजर बनाए हुए हैं। उनकी समीक्षा की जाएगी और जरूरत हुई तो दिशानिर्देशों को भी अपडेट किया जाएगा।'

लंदन की क्वीन्स मैरी यूनिवर्सिटी के रेसपिरेट्री इंफेक्शन के क्लिनिकल प्रोफेसर एड्रियन मार्टन्यू ने कहा कि 'ये संभव है कि विटामिन डी कोविड-19 के खतरे को कम कर दे, उम्मीद है कि वर्तमान समय में चल रहा क्लिनिकल ट्रायल इस दिशा में सही राह दिखाएगा।' 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विटमिन डी की जरूरत अधिक क्यों है?

इन सर्दियों में विटामिन डी लेना इसलिए जरूरी है, क्योंकि कोरोना वायरस के कारण लोगों ने ज्यादातर वक्त घरों के भीतर बिताया है, जिसका साफ मतलब है कि लोगों के शरीर को सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल सका। सूरज की किरणें विटामिन डी का सबसे प्रमुख स्रोत हैं। हालांकि विटामिन डी पाने के अन्य स्रोत भी हैं, जैसे- मछली का तेल, अनाज, और तरह-तरह के सप्लीमेंट्स। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कुछ लोग जिन्होंने गर्मियों में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में नहीं लिया है उनके स्वास्थ्य को खतरा है। जैसे-
  • काले और भूरी त्वचा वाले लोग (अफ्रीका के लोग, अफ्रीकी-कैरेबियाई, दक्षिण एशियाई लोग)
  • वो लोग जो केयर होम में रहते हैं। 
  • वो लोग जो बाहर नहीं निकलते।
  • वो लोग जो जब भी बाहर निकलते हैं अपनी त्वचा को ढक कर ही निकलते हैं। 
ऐसे लोगों को पूरे सालभर विटमिन डी सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी गई है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ विभाग की प्रमुख न्यूट्रिशनिस्ट एलिसन टेडस्टोन ने कहा है, 'हम सभी लोगों को सलाह देते हैं कि विटामिन डी सप्लीमेंट लें। खासकर वो जो बुज़ुर्ग हैं, बाहर नहीं निकले या जिनकी त्वचा का रंग गहरा है उन्हें हर दिन 10 माइक्रोग्राम वजन का विटामिन डी सप्लीमेंट लेना चाहिए। इस साल ये सलाह इसलिए भी काफी जरूरी है क्योंकि लोगों ने ज्यादा वक्त घरों के अंदर ही बिताया है।'  
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