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शोध में दावा: फाइजर और मॉडर्ना की दोनों खुराक से 90 फीसदी तक मिलती है कोरोना से सुरक्षा

Wed, 31 Mar 2021 03:59 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद संक्रमण के खिलाफ 90 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है
  • ये दोनों ही कोरोना वैक्सीन लोगों को बीमार होने से बचाने में भी सक्षम हैं 
  • इन वैक्सीन की पहली खुराक लेने के दो हफ्ते बाद शरीर में काफी इम्यूनिटी विकसित हो रही है  
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock
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विस्तार
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फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन का इस्तेमाल दुनिया के कई देशों में किया जा रहा है। इन दोनों ही वैक्सीन को वैज्ञानिकों द्वारा हमेशा से ही कारगर बताया गया है। अब एक अध्ययन में भी दावा किया जा रहा है कि फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन न सिर्फ संक्रमण को रोकने में प्रभावी है बल्कि यह लोगों को बीमार होने से भी बचाने में सक्षम है। अध्ययन के मुताबिक, इन दोनों ही वैक्सीन की पहली खुराक भी प्रभावी हैं। इन वैक्सीन की पहली खुराक लेने के दो हफ्ते बाद शरीर में काफी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो रही है।  

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अध्ययन में कहा गया है कि फाइजर और मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद संक्रमण के खिलाफ 90 फीसदी तक सुरक्षा मिलती है। यह वास्तविक दुनिया में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोक सकती है। यह शोध अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन द्वारा किया गया है।  

सीडीसी द्वारा दिसंबर से लेकर मार्च तक किए गए इस अध्ययन में अमेरिका के चार हजार फ्रंटलाइन वर्कर्स को शामिल किया गया था। इसमें स्वास्थ्य कर्मचारी, सर्विस वर्कर और शिक्षक आदि शामिल थे। 
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इस अध्ययन के लिए पहले प्रतिभागियों का साप्ताहिक आधार पर कोरोना टेस्ट किया गया। फिर कोरोना का टीका लगने से पहले और उसके बाद के कोरोना संक्रमण की तुलना की गई। इससे यह समझने में मदद मिली कि टीका लगने के बाद संक्रमण का क्या प्रभाव रहा और कोरोना पर टीके का क्या प्रभाव रहा। 







हाल ही में इस्रायल में भी वैक्सीन के प्रभाव को लेकर एक अध्ययन किया गया था, जिसमें बताया गया था कि फाइजर की वैक्सीन की एक खुराक लेने के बाद भी संक्रमण से 85 फीसदी तक सुरक्षा मिल जाती है। इस्रायल ने इस वैक्सीन के बच्चों पर भी प्रभावी होने का दावा किया है। हाल ही में एक  वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि इस्रायल में 12 से 16 साल की उम्र के सैकड़ों बच्चों को फाइजर-बायोएनटेक की वैक्सीन दी गई और उनमें से किसी में भी इसके गंभीर दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिले। इससे यह संकेत मिलता है कि यह कोरोना वैक्सीन बच्चों के लिए भी सुरक्षित साबित हो सकती है।वहीं, फाइजर का भी कहना है कि कोरोना का टीका 12 साल तक के बच्चों को सुरक्षित करता है, जो कि बच्चों में विस्तारित इस्तेमाल के लिए दरवाजा खोल सकता है। 

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