प्रतीकात्मक तस्वीर
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यह अध्ययन 'बायोकेमिकल एंड बायोफिजिकल रिसर्च कम्युनिकेशन्स' नामक शोध पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसके मुताबिक, वायरस जैसे कण (वीएलपी) कोरोना वायरस के बाहरी ढांचे जैसे होते हैं। अमेरिका के यूटा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक, वीएलपी उसी लिपिड और तीन प्रकार के प्रोटीन से बने खोखले कण होते हैं जैसा कोरोना वायरस में होता है, लेकिन उनमें जीनोम नहीं होता। इसलिए उनसे संक्रमण का खतरा नहीं होता।