प्रतीकात्मक तस्वीर
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अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने रिसर्च के लिए 263 वॉलंटियर्स को चुना था, जिसमें से 171 कोरोना मरीजों को एजिथ्रोमाइसिन की गोली दी गई थी और 62 लोगों को उसी की तरह दिखने वाली गोली यानी प्लेसिबो दिया गया था। इस दौरान पाया गया कि 14 दिन के बाद प्लेसिबो लेने वाले मरीजों की तुलना में एजिथ्रोमाइसिन लेने वाले लोगों के लक्षणों में कोई सुधार नहीं आया।