प्रतीकात्मक तस्वीर
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कुछ दिन पहले 'नेचर' नामक पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया था कि आईसीएमआर के वैज्ञानिक, जिन लोगों को कोवैक्सीन दी गई है, उनके एंटीबाडीज की जांच कर रहे हैं और यह देखने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वैक्सीन नए प्रकार के वायरस का भी मुकाबला करने में सक्षम है या नहीं।