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डायबिटीज के मरीज संभल जाएं, आंखों की समस्या है तो कोरोना से बीमार होने का खतरा है पांच गुना ज्यादा

Thu, 26 Nov 2020 12:28 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock/Pixabay
ये तो बहुत पहले से कहा जा रहा है कि कोरोना वायरस का संक्रमण डायबिटीज के मरीजों के लिए घातक हो सकता है। इससे संबंधित कई शोध भी हो चुके हैं। अब एक नए शोध में यह खुलासा हुआ है कि डायबिटीज की वजह से अगर किसी को आंखों की समस्या है तो सामान्य व्यक्तियों की तुलना में कोरोना वायरस के कारण उसके गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा पांच गुना ज्यादा हो जाता है। इस शोध को किंग्स कॉलेज लंदन की डायबिटीज रिसर्च एंड क्लीनिकल प्रैक्टिस पेपर में प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह पहला मौका है जब डायबिटिक रेटिनोपैथी और कोरोना के खतरों के बीच कोई सीधा संबंध दिख रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, डायबिटीज की प्रमुख समस्याओं में 'आंखों में खराबी आना' भी शामिल है। डॉक्टर बताते हैं कि आंखों में स्मॉल ब्लड वेसेल्स यानी छोटी धमनियों को नुकसान पहुंचने के कारण ऐसा होता है। कुछ साल पहले आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित करीब 54 फीसदी लोगों को आंखों की समस्या हो जाती है जबकि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित करीब 30 फीसदी लोगों को यह समस्या होती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट थॉमस एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में 12 मार्च से सात अप्रैल के बीच डायबिटीज के जितने भी मरीज गंभीर रूप से बीमार हुए, उनमें से 67 फीसदी लोगों को आंखों की समस्या थी। इनमें से 26 फीसदी लोगों को वेंटिलेटर पर रखना पड़ा था। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शोधकर्ताओं की टीम में शामिल डॉ. एंतोनेला कॉर्सिलो के मुताबिक, डायबिटीज के जिन मरीजों को आंखों की समस्या होती है, उनकी रक्त वाहिकाओं को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है। ऐसी स्थिति में अगर वो व्यक्ति कोरोना से संक्रमित हो गया तो उसके गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
पिछले महीने आई एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि कोरोना की वजह से लोगों को डायबिटीज की बीमारी भी हो रही है। लंदन में रहने वाले एक 28 वर्षीय व्यक्ति के साथ कुछ ऐसा ही देखने को मिला था। दरअसल, उसे पहले कभी भी डायबिटीज की समस्या नहीं थी, लेकिन जब वह कोरोना संक्रमित हुआ तो पाया गया कि उसे टाइप-1 डायबिटीज है। इस मामले ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की चिंताएं बेशक बढ़ा दी है, लेकिन अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ में फिलहाल इससे संबंधित शोध हो रहे हैं कि कोरोना वायरस किस तरह ब्लड शुगर को बढ़ा रहा है और डायबिटीज की समस्या पैदा कर रहा है। 
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