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सलाह: कोरोना काल में किडनी की सेहत पर ध्यान देना भी है जरूरी, हो सकती है गंभीर समस्या

Tue, 25 May 2021 03:42 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. Amrendra Pathak 

डॉ. अमरेन्द्र पाठक 
सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट 
सर गंगाराम अस्पताल, दिल्ली 


किसी भी बीमारी की दवाओं का असर किडनी पर पड़ सकता है। कोरोना की दवाइयों और स्टेरॉयड का इस्तेमाल भी किडनी ही झेलती है। महामारी के इस दौर में कोरोना से भी मल्टी ऑर्गन फेल्योर (एक से अधिक अंगों का कार्य न करना) के मामले देखे जा सकते हैं। किसी मरीज को कोरोना के लिए चलने वाले एंटी वायरस दवाओं से भी किडनी (गुर्दे) पर असर पड़ सकता है। स्टेरॉयड या रेमडेसिविर जैसी दवाइयां पर किडनी पर असर डालती हैं। दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेन्द्र पाठक कहते हैं कि ऐसे में किडनी की सेहत पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
शरीर में किडनी का महत्व क्या है? 
  • शरीर में किडनी का बड़ा ही महत्वपूर्ण रोल है। डॉ. अमरेन्द्र बताते हैं कि किडनी अपशिष्ट पदार्थों (विषैले तत्वों) का शोधन कर खून को शुद्ध करने का काम करती है और अपशिष्ट पदार्थ को मूत्र के रास्ते बाहर निकाल देती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
किडनी में पथरी गंभीर समस्या 
  • किडनी में पथरी होना एक आम, लेकिन बड़ी और गंभीर समस्या है। अमर उजाला के खास बातचीत में डॉ. अमरेन्द्र ने बताया कि किडनी में तीन-चार जगह पथरी पाई जाती है, जिनमें किडनी, यूरेटर, यूरिनरी ब्लैडर, इन तीनों में कहीं भी पथरी रहने पर पेशाब में दिक्कत हो सकती है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • डॉ. अमरेन्द्र कहते हैं कि पथरी की समस्या आमतौर पर किसी को भी हो सकती है। प्रारंभिक चरण में पथरी या अन्य वजह से व्यक्ति की दो तिहाई से अधिक किडनी खराब होने पर उसे इस बात का अहसास नहीं होता, लेकिन इससे ज्यादा खराब होने पर खून में जहरीले तत्वों की मात्रा बढ़ने लगती है और अन्य दिक्कतें आने लगती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
किडनी में पथरी के लक्षण 
  • डॉ. अमरेन्द्र बताते हैं कि पथरी के प्रमुख शुरुआती लक्षणों में पेट में दर्द, पेशाब में इंफेक्शन (संक्रमण), खून आना आदि शामिल हैं। वह कहते हैं 'अक्सर बीमारी की शुरुआत में मरीज डॉक्टर के पास नहीं जाते और कभी-कभी घरेलू नुस्खे आजमाने लगते हैं। लंबे समय तक अनदेखी करने पर जब इससे दो तिहाई किडनी प्रभावित हो जाती है, तो पथरी को ऑपरेशन से निकाला जाता है। इसके अलावा जब तक किडनी सही-सलामत रहती है, किसी एंटीबायोटिक के साइड-इफेक्ट, कैंसर या अन्य बीमारियों की दवा लेनी हो तो किडनी पर होने वाले नुकसान का पता नहीं चलता। लेकिन पथरी से जब दो-तिहाई किडनी खराब हो जाती है, तब आप वे सारी दवाएं नहीं ले सकते। पथरी को ऑपरेशन और अन्य तकनीक से सही किया जा सकता है। पथरी के अलावा ब्लड प्रेशर, शुगर ऑटो इम्यून डिजीज की वजह से भी किडनी खराब हो जाती है।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
किडनी उपचार की कुछ नई विधियां 
  • डॉ. अमरेन्द्र कहते हैं, 'गुर्दे से संबंधित बीमारियों के लक्षण सामने आते ही विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर यूरोलॉजिस्ट से संपर्क कर अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे द्वारा इसकी पहचान कर इलाज की जरूरत होती है। आजकल किडनी की पथरी के उपचार के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में कई नई विधियां आ चुकी हैं। इनमें दूरबीन विधि (यूआरएस) एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ईएसडब्ल्यूएल), परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (पीसीएनएल) आदि प्रमुख हैं।  सही समय पर इलाज द्वारा पथरी निकालने से किडनी में हुआ हल्का-फुल्का नुकसान भी रिकवर हो जाता है। वहीं देर करने पर किडनी हमेशा के लिए खराब भी हो सकती है। दोनों किडनी में पथरी होने पर तत्काल इलाज की जरूरत होती है, नहीं तो किडनी को भारी क्षति हो सकती है। कोविड महामारी के कारण अगर पूर्व निर्धारित ऑपरेशन पेंडिंग है, तो ऐसे में अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहें।' 
नोट: यह लेख डॉ. अमरेन्द्र पाठक से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। वह दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट हैं। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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