प्रतीकात्मक तस्वीर
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किडनी उपचार की कुछ नई विधियां
- डॉ. अमरेन्द्र कहते हैं, 'गुर्दे से संबंधित बीमारियों के लक्षण सामने आते ही विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर यूरोलॉजिस्ट से संपर्क कर अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे द्वारा इसकी पहचान कर इलाज की जरूरत होती है। आजकल किडनी की पथरी के उपचार के लिए चिकित्सा के क्षेत्र में कई नई विधियां आ चुकी हैं। इनमें दूरबीन विधि (यूआरएस) एक्स्ट्राकोर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी (ईएसडब्ल्यूएल), परक्यूटेनियस नेफ्रोलिथोटॉमी (पीसीएनएल) आदि प्रमुख हैं। सही समय पर इलाज द्वारा पथरी निकालने से किडनी में हुआ हल्का-फुल्का नुकसान भी रिकवर हो जाता है। वहीं देर करने पर किडनी हमेशा के लिए खराब भी हो सकती है। दोनों किडनी में पथरी होने पर तत्काल इलाज की जरूरत होती है, नहीं तो किडनी को भारी क्षति हो सकती है। कोविड महामारी के कारण अगर पूर्व निर्धारित ऑपरेशन पेंडिंग है, तो ऐसे में अपने डॉक्टर से सलाह लेते रहें।'
नोट: यह लेख डॉ. अमरेन्द्र पाठक से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। वह दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट यूरोलॉजिस्ट हैं।
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