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Coronavirus: क्या फ्लू का टीका कोरोना से बचाने में मदद कर रहा है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Fri, 18 Sep 2020 03:39 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमण का मामला बढ़कर अब तीन करोड़ तीन लाख 72 हजार से भी ऊपर हो चुका है जबकि मरने वालों की संख्या भी नौ लाख 50 हजार के पार चली गई है। इससे निपटने के लिए वैक्सीन बनाने का काम जारी है, लेकिन वो दुनिया को कब तक मिलेगी, कुछ पता नहीं। हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक वैक्सीन मिल सकती है। इस बीच फ्लू के टीके को लेकर दुनियाभर में खूब चर्चा हो रही है, लेकिन क्या यह कोरोना से बचा सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं। इसके अलावा विशेषज्ञ के माध्यम से उन सवालों के भी जवाब जानने की कोशिश करते हैं, जिनके बारे में जानना बेहद ही जरूरी है। 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या फ्लू का टीका कोरोना से बचाने में मदद कर रहा है? 

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल की डॉक्टर रुपाली मलिक बताती हैं, 'ब्राजील में 90 हजार लोगों पर एक शोध हुआ है, जिसमें पाया गया कि जिन लोगों में फ्लू का टीका लगा था, उनमें कोविड से मृत्यु दर 30-35 प्रतिशत कम थी। वहीं कई अन्य शोध कहते हैं कि फ्लू वैक्सीन अक्सर इंफ्लूएंजा वायरस में तो काम करती है, लेकिन नॉन इंफ्लूएंजा रेस्पेरेट्री इलनेस में उतनी कारगर नहीं है। इसलिए इस वक्त फ्लू वैक्सीन कितनी कारगर है, यह कहना मुश्किल है। लेकिन हां, यह जरूर कह सकते हैं कि अगर फ्लू की वैक्सीन आम वायरस से दूर रखती है तो कहीं न कहीं कोरोना के वायरस से बचने का प्रतिशत बढ़ सकता है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
नाई की दुकान या ब्यूटी पार्लर जाने पर क्या सावधानी रखें? 

डॉ. रुपाली मलिक के मुताबिक, 'सबसे पहली बात- बाल कटवाने जाएं तो मास्क लगाकर जाएं। वहां जो सावधानी बताई गई है, उसका पालन करें। यह सुनिश्चित करें कि बाल काटने वाला व्यक्ति मास्क लगाए हो, हो सके तो पीपीई किट पहने हो और कैंची, कंघे आदि सैनिटाइज हो। फिलहाल ऐसे काम नहीं करवाएं जिनमें मुंह काफी पास आता है, जैसे कि फेशियल, आईब्रो बनवाना आदि।' 

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अनलॉक में लोग मान रहे हैं कि वायरस खत्म हो गया है, उनके लिए क्या सलाह है? 

डॉ. रुपाली मलिक कहती हैं, 'अब लोग मास्क और भौतिक दूरी से ऊब गए हैं। ऐसे लोगों को बार-बार हाथ साफ करना समय की बर्बादी लगता है, लेकिन वायरस से बचने के लिए केवल यही उपाय हैं। जब तक वैक्सीन नहीं आती तब तक कड़ाई से नियमों का पालन करें। ध्यान रहे, वैक्सीन के सफल होने के बाद भी लोगों तक पहुंचने में लंबा वक्त लग सकता है। हमारे देश की जनसंख्या भी बहुत ज्यादा है। इसलिए जिम्मेदारी को समझें और जागरूक नागरिक बनें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
इंपीरियल कॉलेज और ऑक्सफोर्ड में नाक से टीका देने का ट्रायल हो रहा है, क्या यह ज्यादा प्रभावी है? 

डॉ. रुपाली मलिक के मुताबिक, 'जब नाक से वैक्सीन देते हैं तो दो तरह की इम्यूनिटी बनती है। एक लोकल और दूसरी सिस्टमिक इम्यूनिटी। वहीं इंजेक्शन से केवल सिस्टमिक इम्यूनिटी ही बनती है। वैसे हमारे पास फ्लू से बचने के लिए पहले से नेजल वैक्सीन उपलब्ध है तो उसी के आधार पर उम्मीद की जा रही है कि यह ज्यादा प्रभावी होगी। चूंकि ज्यादातर मामलों में वायरस नाक से प्रवेश करता है तो लोकल इम्यूनिटी भी जरूरी है, जो संक्रमण को कम कर सकती है। अब जरूरी नहीं है कि सबको नेजल वैक्सीन दी जा सके, कई लोगों को नाक में एलर्जी हो सकती है। लेकिन हां, अगर परीक्षण सफल होता है तो इसे काफी प्रभावी मान सकते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल दोबारा करने की अनुमति किन शर्तों के साथ दी गई है? 

सीरम इंस्टीट्यूट भारत में ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल कर रहा है। इस वैक्सीन पर रोक इसलिए लगाई गई थी, क्योंकि कुछ वॉलंटियर में बिना कारण के कुछ बीमारियां सामने आईं। तो माना गया कि हो सकता है वैक्सीन के साइड-इफेक्ट हों। शोध में पाया गया कि वो वैक्सीन की वजह से नहीं हैं। इसलिए भारत में डीजीसीआई ने दोबारा अनुमति दी है, लेकिन अभी वैक्सीन के लिए लंबी चुनौती है। सफल होने के बाद एक-एक व्यक्ति तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। तब तक सोशल वैक्सीन यानी मास्क को नहीं भूलना है। साथ में फिजिकल डिस्टेन्सिंग भी जरूरी है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन आएगी तो कितने लोगों को कब तक मिलेगी? 

यह समझ लीजिए कि सफल होने के बाद वैक्सीन के प्रोडक्शन में समय लगेगा। बनने के बाद सबसे पहले डॉक्टर, नर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स आदि को दी जाएगी। उसके बाद बुजुर्गों और कोमोरबिडिटी वाले लोगों को दी जाएगी। फिल बाकी लोगों को दी जाएगी। लेकिन ये सब कब तक होगा और कितना समय लगेगा, अभी कुछ भी कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि जल्दबाजी में बनाई गई वैक्सीन से खतरा हो सकता है।' 
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