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विशेषज्ञ से जानें: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच क्या बुजुर्ग वैक्सीन लेने जा सकते हैं?

Sun, 25 Apr 2021 08:49 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : pixabay
कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देश को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। हर दिन लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों की मौत हो रही है। ऐसे में लोगों के पास संक्रमण की वजह से मौत से बचने का एकमात्र उपाय यही दिखता नजर आ रहा है कि जल्द से जल्द वैक्सीन लगवाएं, लेकिन चूंकि संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है, ऐसे में टीकाकरण केंद्र पर जाने में भी खतरा है और खासकर बुजुर्गों को। हालांकि वैक्सीन लेना भी जरूरी है। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि कोरोना की वर्तमान स्थिति को देखते हुए क्या बुजुर्ग वैक्सीन लेने जा सकते हैं या नहीं और साथ ही यह भी कि बढ़ते मामलों से लोगों के अंदर डर बना हुआ है, इससे कैसे बचें? 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की वर्तमान स्थिति को देखते हुए क्या बुजुर्ग वैक्सीन लेने जा सकते हैं? 
  • दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'वैक्सीनेशन (टीकाकरण) एक अलग प्रक्रिया है, इसलिए रजिस्ट्रेशन करवा कर जाएं, अगर वहां जाकर रजिस्ट्रेशन कराना है और अस्पताल में भीड़ है तो दूसरे दिन जाएं। सभी से अपील है कि सेंटर पर भीड़ न करें। जहां तक बुजुर्ग के जाने का है तो जा सकते हैं, लेकिन सेंटर पर काफी सतर्कता से जाएं यानी मास्क लगा रहे, हाथ की सफाई करते रहें। भीड़ या लोगों के पास न खड़े हों।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर बुखार 101 या 102 डिग्री फारेनहाइट है तो अस्पताल जाएं या घर पर रहें? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'ये भी लोगों को बहुत ध्यान रखना है कि इस बार का वायरस साधारण वायरल इलनेस की तरह व्यवहार नहीं कर रहा है। इस वक्त संक्रमित को हफ्ते, 10 दिन तक साधारण रूप से बुखार रह रहा है। कोरोना में बुखार से न घबराएं। बुखार अगर 100, 110 डिग्री के पास है तो पैरासिटामोल या क्रोसिन की टैबलेट जरूर ले सकते हैं। अगर बुखार 10 दिन से ज्यादा है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए। इसके अलावा सेचुरेशन को ध्यान देते रहें, अगर 94 से नीचे जाता है तो थोड़ी-थोड़ी देर में चेक करें और कम हो रहा है तो अस्पताल में जा सकते हैं।'

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बढ़ते कोविड मामलों से लोगों के अंदर डर बना हुआ है, इससे कैसे बचें? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'जैसा कि केस हर दिन बढ़ रहे हैं, क्योंकि वायरस का संक्रमण है तो बढ़ेगा ही। जहां तक केस की गति से बढ़ने की बात है तो पिछली बार लॉकडाउन लग गया था, इस वजह से केस बढ़ने की रफ्तार धीरे थी। लेकिन इस बार हम सभी अपना काम कर रहे हैं। कुछ राज्यों में लॉकडाउन लगा है, लेकिन देश के ज्यादातर हिस्सों में लोग अपने कार्य कर रहे हैं। इसलिए आंकड़ों पर जाने और डरने से अच्छा है अपनी सुरक्षा और बचाव पर ध्यान दें। भूल कर भी हाथ, मुंह पर न जाने दें, मास्क लगा कर रखें, काम से वापस आने के बाद काफी सावधानी से कपड़े, मास्क बदलें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या छोटे बच्चे को डबल मास्क लगा सकते हैं? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'अगर बच्चा एक साल से कम है तो एक मास्क लगाना भी मुश्किल है, लेकिन अगर बच्चे को एक मास्क भी लगाते हैं तो पर्याप्त है। बच्चों में संक्रमण होता भी है तो बहुत ज्यादा गंभीर नहीं होता है, लेकिन जहां तक संभव हो, उन्हें घर के अंदर ही रखें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड मरीज को कब अस्पताल जाना चाहिए? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'जब बुखार 10 दिन के बाद भी नहीं उतर रहा है या फिर ऑक्सीजन सेचुरेशन कम हो रहा है, खाना नहीं खा पा रहे हैं, बार-बार उल्टी आ रही हो, सांस फूलने लगे, सुस्ती ज्यादा हो जाए, ऐसी स्थिति में अस्पताल जाकर दिखाएं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
क्या पल्स ऑक्सीमीटर में कोई तकनीक है जो बोल के बता दे, जिससे नेत्रहीन व्यक्ति भी रीडिंग जान सके? 
  • डॉ. अनुपम प्रकाश कहते हैं, 'ऐसी तकनीक आज के समय में बहुत ही जरूरी है कि ऐसी व्यवस्था हो। फिलहाल बाजार में जो पल्स ऑक्सीमीटर है, उसमें सिर्फ देखने की प्रक्रिया है। लेकिन जिस तरह से मोबाइल फोन में बोलने की तकनीक है, उसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से उसमें भी हो सकता है। इसलिए उम्मीद है आने वाले समय में ऐसा ही पल्स ऑक्सीमीटर भी, ऐसी तकनीक आ जाए।' 
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