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विशेषज्ञ से जानें: बच्चों में कोरोना के कौन से लक्षण आते हैं, उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें?

Sun, 13 Jun 2021 09:37 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
देश में कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है, लेकिन संक्रमण के कारण होने वाली मौतों की संख्या अभी भी ज्यादा है। इस बीच तीसरी लहर की चर्चा भी तेज हो गई है। कहा जा रहा है कि इस लहर में बच्चे अधिक प्रभावित होंगे। हालांकि सरकार का कहना है कि इस बात के साक्ष्य नहीं हैं कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर अधिक और गंभीर असर पड़ेगा, लेकिन फिर भी विशेषज्ञ कहते हैं कि संभल कर रहने की जरूरत है और उनकी इम्यूनिटी को मजबूत करने की जरूरत है। चूंकि अभी बच्चों के लिए वैक्सीन नहीं आई है, लेकिन इसके ट्रायल चल रहे हैं और उम्मीद की जा रही है जल्द ही उनके लिए भी वैक्सीन आ जाएगी, जिसके बाद बच्चों को भी एक बेहतरीन सुरक्षा कवच मिल जाएगा। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि बच्चों में कोरोना के क्या-क्या लक्षण आते हैं, उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें और साथ ही कोरोना से जुड़े अन्य सवालों के जवाब भी... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों में कोरोना के क्या-क्या लक्षण आते हैं? 
  • पटना स्थित एम्स के डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'बच्चों में भी कोरोना के लक्षण वैसे ही हैं, जैसे बड़ों में आते हैं। इसमें बच्चों को बुखार आना, सुस्त रहते हैं, खेलने आदि पर थक जाते हैं। कई बार खांसी भी आती है। इसके अलावा डायरिया जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। लेकिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी अच्छी होती है, इसलिए वो जल्दी रिकवर करने लगते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए क्या करें? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'बहुत से लोग कोरोना के समय में बच्चों को अनावश्यक रूप से अलग-अलग तरह की दवा विटामिन और प्रोटीन के नाम पर खिलाने लगते हैं। ऐसा न करें, ये उनके लिए हानिकारक हो सकता है। हां, कुछ बच्चों की ग्रोथ (विकास) प्रॉपर या उम्र के हिसाब से नहीं है तो डॉक्टर उन्हें कुछ ऐसी दवा देते हैं। इसलिए हमेशा बच्चों को कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह पर ही दें। घर में उसे ताजा खाना, दूध, दही, प्रोटीन युक्त खाना आदि देते रहें। बच्चे को बाहर न भेजें, मास्क लगाने की आदत डलवाएं।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
बच्चों में वैक्सीन के ट्रायल की क्या स्थिति है? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'अभी तक बच्चों पर इन वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ था, इसलिए उन्हें नहीं लगाई जा रही हैं। अब देश के कुछ शहरों में 2-18 साल के बच्चों पर वैक्सीन का ट्रायल शुरू हुआ है। पटना एम्स में अभी पहले दौर में 12-18 साल के 27 बच्चों पर ट्रायल हुआ है। इससे कोई साइड-इफेक्ट नहीं देखने को मिला। अब अगले मंगलवार को 6-12 साल के बच्चों पर, फिर उसके बाद 2-6 साल के बच्चों पर ट्रायल होगा। अगर नतीजे अच्छे होते हैं तो भारत जल्द ही बच्चों को वैक्सीन देने की शुरुआत करेगा।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पहली डोज के बाद मलेरिया हो गया, क्या दूसरी डोज लेना अभी जरूरी है? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'वैक्सीन की पहली डोज के बाद 28 से 42 दिन के अंदर दूसरी डोज ले सकते हैं। अगर बुखार है या कमजोरी है, तो जब ठीक हो जाएं तब वैक्सीन लें।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
वैक्सीन लगवाने के बाद क्या एक्सरसाइज या रनिंग कर सकते हैं? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'जी हां, वैक्सीन लगवाने के बाद आप सामान्य जिंदगी जी सकते हैं। वैक्सीन लगवाने वाले दिन भी और अगले दिन भी एक्सरसाइज (व्यायाम) और अपना काम कर सकते हैं, कोई समस्या नहीं है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पोस्ट कोविड में ब्लड क्लॉटिंग के मामले भी आ रहे हैं, इसे कैसे दूर करें? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'कोविड दो तरह की समस्या शरीर में पैदा करता है। एक फेफड़ों में संक्रमण से सांस लेने की बीमारी और दूसरी खून के थक्के जमाने की। अगर शरीर में ब्लड के थक्के जमने लगेंगे तो उस अंग में खून की सप्लाई रुक जाएगी, इससे उस अंग तक ऑक्सीजन भी नहीं पहुंचेगी। इस तरह कई बार गंभीर समस्या भी आ सकती है। जैसे फेफड़ों में खून के थक्के जम गए तो पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई रुक जाएगी। कई बार हार्ट (हृदय) तक ब्लड (खून) नहीं पहुंच पाता तो हार्ट अटैक जैसी समस्या आ जाती है। इस समस्या को रोकने के लिए एक एसओपी निकाली गई थी कि कोरोना के हर मरीज को खून के थक्के न जमें, इसकी दवा शुरू से ही देनी है। लेकिन इसे केवल डॉक्टर ही देंगे। अगर पोस्ट कोविड में हैं तो हल्की एक्सरसाइज (व्यायाम) करते रहें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की तीसरी लहर न आए, उसके लिए क्या करें? 
  • डॉ. संजीव कुमार कहते हैं, 'तीसरी लहर को आने से रोकने के लिए या उससे भी आगे के वक्त के लिए, वैक्सीन लगवाने के बाद कोवि़ड से ठीक होने के बाद भी एक ही मूलमंत्र है- कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर (कोरोना से बचने के उपाय, जैसे- मास्क लगाना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना, हाथ धोना आदि) का पालन। पहली लहर के बाद जो भी लापरवाही की थी, उससे सबक लें। उन गलतियों को न दोहराएं।' 
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