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विशेषज्ञ: पोस्ट कोविड में हो सकती हैं ये पांच गंभीर समस्याएं, इन लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

Sun, 08 Aug 2021 08:57 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में उतार-चढ़ाव जारी है, पर दैनिक मामले 30-35 हजार से कम नहीं हो रहे हैं, जो चिंता का विषय बने हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रव्यापी कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 50 करोड़ से अधिक टीके भी लगाए जा चुके हैं और स्वस्थ होने की दर भी 97.36 फीसदी हो गई है। अभी तक तीन करोड़ 10 लाख से अधिक कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। हालांकि संक्रमण के मामलों में कोई कमी नहीं देखने को मिल रही है। इसके अलावा पोस्ट कोविड की समस्या एक अलग और गंभीर समस्या बनी हुई है। दरअसल, कोरोना से स्वस्थ होने के बाद मरीजों को होने वाली समस्याओं को पोस्ट कोविड कहा जाता है। इसमें मरीजों को कई तरह की समस्याएं हो रही हैं, जिसमें हार्ट रेट का कम होना भी शामिल है। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं इस पोस्ट कोविड और वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
पोस्ट कोविड में कई लोगों का हार्ट रेट कम आता है, क्या करें? 
  • दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, 'जब कोविड इंफेक्शन (संक्रमण) होता है, तो समस्या काफी कम होती है। जब हम ठीक होते हैं, तब हमारी बॉडी जो रिस्पॉन्स देती है, एंटीबॉडी की वजह से उससे कई तरह की समस्या आने लगती है। कई बार इंफ्लेमेशन की वजह से हार्ट रेट बढ़ जाता है। हार्ट की नसों में क्लॉट बन सकते हैं। कई बार हार्ट अटैक भी आ जाता है। फेफड़ों में भी समस्या बढ़ जाती है, लेकिन ये सब बड़ी समस्या हैं। इसके अलावा छोटी-छोटी समस्या भी हो सकती हैं, जैसे हार्ट रेट कम होना। हार्ट से संबंधित समस्या को नजरअंदाज न करें, डॉक्टर को दिखा सकते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
किन लक्षणों से पता चलेगा कि हार्ट की समस्या हो सकती है? 
  • डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, 'अगर चेस्ट पेन हो रहा है, बहुत पसीना आ रहा है, सांस नहीं आ रही है, घुटन जैसा है। कुछ कंफ्यूजन हो, आसपास क्या हो रहा है और अचानक कुछ समझ न आए, होंठ नीले पड़ने लगें। इन लक्षणों के आने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाएं या डॉक्टर को बुला लें।' 

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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना की वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज कितने दिन तक रहती हैं? 
  • डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, 'वैक्सीन का पूरा रिस्पॉन्स करीब नौ महीने तक रहता है। इसमें छह महीने तक तो एंटीबॉडीज पूरी तरह प्रभावित रहती हैं, उसके बाद कुछ कम हो सकती हैं। अभी सभी को वैक्सीन लग रही है, हो सकता है कि एक साल बाद कोई बूस्टर डोज दी जाए, इसपर अभी कई जगह शोध चल रहा है। फिलहाल हमारे देश में वैक्सीन की दो डोज दी जा रही हैं।' 
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
50 करोड़ से ज्यादा लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है, इसे कैसे देखते हैं? 
  • डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, 'सभी देशवासी इसके लिए बधाई के पात्र हैं कि वो आगे आ कर वैक्सीन लगवा रहे हैं। अब हम वैक्सीनेशन में अमेरिका से भी आगे चल रहे हैं। वैक्सीन की सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि कोरोना वायरस से बचने के लिए यह सबसे जरूरी है। आने वाले समय में उम्मीद करते हैं कि वैक्सीनेशन में और तेजी आएगी और जल्द ही सभी देशवासी वैक्सीन लगवाकर वायरस के खतरे को कम कर सकें।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविन प्लेटफॉर्म से दूसरे देश भी प्रभावित हुए हैं, क्या कहेंगे? 
  • डॉ. संदीप मिश्रा कहते हैं, 'वैक्सीनेशन के लिए चरणबद्ध तरीके से रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट के लिए कोविन एक यूजर फ्रेंडली प्लेटफॉर्म है। कोविन के जरिये वैक्सीनेशन सेंटर, वैक्सीन की उपलब्धता, वैक्सीन की कंपनी, अलग-अलग उम्र के लिए उपलब्धता के साथ ही फ्री और पेड जैसी सभी सुविधाएं मौजूद हैं। इसलिए इस पोर्टल को मैनेज करना और इसका यूजर फ्रेंडली होना देखकर ही दूसरे देश काफी प्रभावित हुए हैं। अब इसका प्रयोग दूसरे देश भी कर सकते हैं। कहीं न कहीं ये सब हमारे देश की नेतृत्व क्षमता की वजह से संभव हुआ है।' 
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