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Health Tips: आपकी जरा सी लापरवाही से हो सकता है अस्थमा अटैक, दिनचर्या में भूलकर भी न करें ऐसे काम

Sun, 12 Jun 2022 12:06 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अस्थमा की समस्या से बचाव - फोटो : istock
अस्थमा वैश्विक स्तर पर बढ़ती सांस की गंभीर समस्याओं में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक, साल 2019 में अस्थमा ने अनुमानित 262 मिलियन (26.2 करोड़) लोगों को प्रभावित किया और इसके कारण 4.55 लाख लोगों की मृत्यु हुई। भारत में भी यह आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। देश की कुल आबादी में लगभग 6% बच्चे और 2% वयस्कों को अस्थमा की समस्या है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ लोगों में अस्थमा की दिक्कत वंशानुगत हो सकती है, जबकि कुछ लोगों में समय के साथ भी इसके विकसित होने का खतरा रहता है।जीवनशैली के विभिन्न जोखिम कारक अस्थमा के खतरे को काफी हद तक बढ़ा सकते हैं। 

अस्थमा की स्थिति में आपके वायुमार्ग संकीर्ण और सूज जाते हैं, जिसके कारण अतिरिक्त बलगम का उत्पादन होने लगता है। इससे सांस लेना मुश्किल हो सकती है और जब आप सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) आती है। दैनिक जीवन की कुछ चीजें अस्थमा की समस्या को बढ़ा देती हैं। सांस लेने में तकलीफ की इस दिक्कत से बचे रहने के लिए सभी लोगों को इसके जोखिम कारकों से बचाव करते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि कौन सी आदतें अस्थमा के खतरे को ट्रिगर कर सकती हैं?
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धूम्रपान के कारण बढ़ती समस्या - फोटो : Pixabay
धूम्रपान से बढ़ता है खतरा

धूम्रपान, अस्थमा सहित सांस की समस्याओं को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है। तंबाकू के धुंए के संपर्क में आने, भले ही आप न पी रहे हों, यह स्थिति भी सांस की दिक्कतों को बढ़ा सकती है, इससे बचकर रहना चाहिए। इसके अलावा यदि आप बच्चों के सामने भी धूम्रपान करते हैं तो इसके संपर्क में आने से बच्चों में अस्थमा के लक्षणों के बिगड़ने की आशंका हो सकती है। अस्थमा के शिकार लोगों को धूम्रपान से बिल्कुल परहेज करना चाहिए। 
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अस्थमा अटैक से बचाव के उपाय - फोटो : iStock
एलर्जी कारकों से बनाए दूरी

कुछ एलर्जी बढ़ाने वाले कारक जैसे धूल, प्रदूषण आदि भी अस्थमा अटैक का कारण बन सकते हैं। ऐसे कारकों के संपर्क में आने से आपके वायुमार्ग में सूजन बढ़ जाती है, जिससे अस्थमा अटैक का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि जिन लोगों को अस्थमा या सांस की समस्या है उन्हें बाहर जाते समय सुरक्षात्मक मास्क पहनने की सलाह दी जाती है, जिससे ऐसे एलर्जी बढ़ाने वाले कारकों से बचाव किया जा सके।

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अस्थमा से बचाव कैसे किया जाए? - फोटो : Pixabay
कुछ प्रकार की दवाइयों का सेवन

अध्ययनों से पता चलता है कि कुछ लोगों में नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लामेटरी (एनएसएआईडी) दवाओं के सेवन के कारण भी वायुमार्ग की सूजन और अस्थमा के लक्षण बिगड़ सकते हैं। शोधकर्ता इसके कारणों को जानने के लिए अध्ययन कर रहे हैं। यदि आपको भी किसी दवा के सेवन के बाद सांस की तकलीफ महसूस होती है तो इसे तुरंत बंद कर दें और संबंधित डॉक्टर से जरूर सलाह ले लें। 
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अस्थमा को बढ़ाने वाले कारक - फोटो : istock
कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थ

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, कुछ लोगों में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद भी अस्थमा अटैक की समस्या देखने को मिली है। ऐसे खाद्य पदार्थों में सल्फर डाइऑक्साइड और सोडियम मेटाबिसल्फाइट में जैसे तत्व हो सकते हैं जो आपकी समस्या को बढ़ा देते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ अस्थमा के रोगियों को आहार में ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज आदि को शामिल करने की सलाह देते हैं। 


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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