फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेषज्ञ से जानें: अगर कोरोना मरीज का बुखार नहीं उतर रहा है तो क्या करें, सीटी स्कैन कराना कितना जरूरी है?

Sun, 25 Apr 2021 10:29 AM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश में लगातार कोरोना संक्रमण और उसकी वजह से मौत के आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में तीन लाख 49 हजार से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। यह लगातार चौथा दिन है, जब देश में कोरोना वायरस के तीन लाख से अधिक मामले सामने आए हैं। साथ ही बीते 24 घंटे में 2700 से अधिक लोगों की मौत भी हुई है। अब तक देश में कोरोना की वजह से एक लाख 92 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे में आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े कुछ जरूरी सवालों के जवाब, जो इस विपदा में आपके लिए मददगार हो सकते हैं। 
विज्ञापन

2 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर कोविड मरीज का बुखार नहीं उतर रहा है तो क्या करें? 
  • दिल्ली स्थित एम्स के डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'पिछले साल जब बुखार आता था तो 4-5 दिन के भीतर बीमारी ठीक होने लगती थी, लेकिन इस बार बीमारी 15-20 दिन तक रहती है, बुखार 4-5 दिन बाद से आता है और 15-20 दिन तक रहता भी है। इसके लिए पहले तो पैरासिटामोल की गोली समय पर लें। 500 मिलीग्राम की गोली एक दिन में चार ले सकते हैं। इसके बावजूद बुखार रहता है तो हाइड्रोथेरेपी करना है। इसमें पानी की पट्टी माथे पर नहीं रखी जाती बल्कि गर्दन के दोनों तरफ , बांह के नीचे या जांघ के नीचे रख सकते हैं। लेकिन अगर फिर भी कम नहीं हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लेकर दवाई बदल सकते हैं।' 
विज्ञापन

3 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना होने पर सीटी स्कैन कराना कितना जरूरी है? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'सीटी स्कैन बीमारी के सातवें या नौवें दिन कराना चाहिए, वो भी तब जब मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। सभी को समझना होगा कि सीटी स्कैन देख कर इलाज नहीं होता है, मरीज की कंडीशन (हालत) देख कर इलाज होता है। अगर संक्रमण हल्का है तो सीटी स्कैन या खून जांच किसी की जरूरत नहीं है। आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट ही पर्याप्त है। लेकिन अगर ब्लड प्रेशर बढ़ गया है, खांसी आ रही है, बुखार नहीं उतर रहा, सांस फूल रही है, तब सीटी स्कैन कराते हैं, ताकि पता चले कि फेफड़े कितना प्रभावित हुए हैं। ये सही है कि सीटी स्कैन कराने में निकलती है और कई बार कराने पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। जब तक डॉक्टर न कहें, न कराएं।'

4 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर होम आइसोलेशन में ऑक्सीजन 90 से कम हो गया है तो खुद से घर में ऑक्सीजन लगा सकते हैं? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'सबसे जरूरी बात ये है कि पल्स ऑक्सीजन मीटर को अच्छी तरह से प्रयोग करना सीखना होगा, क्योंकि कई बार उसके नंबर सही नहीं होते। कई बार हाथ मुड़ा हुआ हो, दबा हुआ हो या ठंडा हो तो वो गलत नंबर दे सकता है। जहां तक सेचुरेशन की बात है कि एक स्वस्थ व्यक्ति का सेचुरेशन 96 से 99 के बीच होता है। अगर कोई बुजुर्ग है या कई तरह की बीमारी है तो उसका पहले से ही 90 सेचुरेशन हो सकता है। अब अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को कोरोना होता है और होम आइसोलेशन में 90 सेचुरेशन हो रहा है तो अस्पताल लेकर जाएं। अगर बेड नहीं मिल रहा तब तक घर में डॉक्टर की सलाह पर ऑक्सीजन लगा सकते हैं, क्योंकि केवल ऑक्सीजन लगाना ही नहीं होता बल्कि कई एडवाइस की जरूरत होती है जो अस्पताल में ही मिल सकती है।' 
विज्ञापन

5 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
स्टीम यानी भाप कोरोना की लड़ाई में कितना मददगार है? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'कोरोना के समय में ऐसी कई चीजें हैं, जिसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। लेकिन अक्सर पहले सर्दी-जुकाम में भाप लेने से गले को आराम मिलता है और खांसी में दर्द से राहत मिलती है। कोरोना काल में भी इसे उसी तरह से प्रयोग करना है, लेकिन भाप लेने को इलाज नहीं मानें। कई लोग ऐसे आए, जिन्होंने इतने गर्म पानी से भाप ले लिया कि उनके गले में अल्सर बन गया। इसलिए ज्यादा गर्म पानी या कई बार भाप लेने से बचें, कभी-कभी ले सकते हैं।' 
विज्ञापन

6 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
डबल मास्क कितना जरूरी है? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'डबल मास्क इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि अक्सर लोगों का मास्क नाक के नीचे या गले में रहता है, इससे वायरस जाने की संभावना रहती है। चूंकि हर कोई रोज डिस्पोजल वाले मास्क खरीद कर नहीं लगा सकता है, इसलिए कॉटन का ट्रिपल लेयर मास्क लगाते हैं, लेकिन उसे भी हर दिन धोना है। ऐसे में अगर डबल मास्क लगाएंगे तो सुरक्षा और बढ़ जाती है। अगर एक मास्क नीचे करेंगे तो भी दूसरा मास्क लगा रहेगा।' 
विज्ञापन

7 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोरोना एयरोसोल से भी फैलता है, घर में एयरोसोल को कैसे खत्म कर सकते हैं? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'जी हां, इसलिए ही कहा जाता है कि कमरे में वेंटिलेशन होना चाहिए। कमरे की खिड़की, रोशनदान खोल दें, इससे हवा का सर्कुलेशन होता रहता है। इससे अगर घर में कोई होम आइसोलेशन में है और परिवार का कोई सदस्य कमरा खोल कर खाना आदि रखने आते हैं, तो वो सुरक्षित रहेंगे। लेकिन अच्छा ये भी रहेगा, दोनों मास्क लगा कर रखें। आइसोलेटेड व्यक्ति भी संभव हो तो अकेले भी रूम में मास्क लगाकर रखें।' 
विज्ञापन

8 of 8
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज और घरवालों को क्या कुछ दिशा निर्देश हैं? 
  • डॉ. अंजन त्रिखा कहते हैं, 'कोविड मरीज होम आइसोलेशन में है तो सबसे पहले तो अपने लिए एक अलग कमरा रखें। सभी के साथ बैठें-उठें भी नहीं। दिनभर अपने कमरे में रहना ज्यादा अच्छा है। संभव हो तो टॉयलेट भी अलग हो। कमरे में खिड़की है तो उसे खोल कर रखें, ताकि वेंटिलेशन होता रहे। परिवार के लोग भी खाना आदि साथ न खाएं, पास बैठ कर बातचीत या हंसें नहीं। खाना भी देना है तो दूर से दें, संभव हो तो डिस्पोजल वाले बर्तन का उपयोग करें, इससे बर्तन धुलना भी नहीं पड़ेगा। थोड़ा मुश्किल लगेगा, लेकिन परिवार को सुरक्षित रखने के लिए दूरी बनाकर रखें। आप फोन पर या वीडियो कॉल के जरिये बात कर सकते हैं, ऑनलाइन गेम खेल सकते हैं।' 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें