देश में कोरोना संक्रमण के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं और साथ ही मरने वालों का आंकड़ा भी। कई जगहों पर अस्पतालों में बेड की कमी तो है ही, इसके साथ-साथ ऑक्सीजन और कई जरूरी दवाओं की भी कमी हो गई है। ऐसे में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना की इस दूसरी लहर में हेपेटाइटिस के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली रेमडेसिविर दवा की मांग भी तेजी से बढ़ी है। माना जा रहा है कि इसका इंजेक्शन कोरोना मरीजों के लक्षणों को कम करने में प्रभावी हो सकता है। सोशल मीडिया पर इस दवा को 'जीवन रक्षक दवा' बताया जा रहा है। आइए जानते हैं इसकी सच्चाई क्या है?