सांकेतिक तस्वीर
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘सॉलिडेरिटी ट्रायल’ के अंतरिम नतीजे के हवाले से बताया था कि कोरोना के सिलसिले में चार दवाओं का मृत्यु दर कम करने, श्वसन क्रिया को सुचारू करने और अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि पर कोई असर नहीं पड़ा। इन चार दवाओं में रेमडेसिविर, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, लोपिनाविर/रिटोनोविर और इंटरफेरोन शामिल हैं। इन दवाओं का 30 देशों के 405 अस्पतालों में 11 हजार से ज्यादा मरीजों पर परीक्षण किया गया था।