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कोरोना के इलाज में कारगर होगी इंफ्लूएंजा की ये दवा? सीएसआईआर को क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी

Fri, 19 Jun 2020 02:55 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस का संक्रमण दुनियाभर में बढ़ता ही जा रहा है। इसे रोकने के लिए और इससे निजात पाने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक इसकी वैक्सीन और दवा तैयार करने में लगे हैं। भारत में 14 तरह की वैक्सीन पर काम चल रहा है, जिनमें से छह तरह की वैक्सीन की प्रगति अच्छी चल रही है। दूसरी ओर पहले से उपलब्ध दवाओं में कोरोना वायरस के इलाज की संभावना तलाशी जा रही। अबतक कोरोना मरीजों के इलाज के लिए प्रायोगिक तौर पर और आपातकालीन स्थिति में कई तरह की दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है और लोग स्वस्थ हो रहे हैं। अब, सीएसआईआर यानी वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की ओर से एक अन्य दवा में कोरोना के इलाज की उम्मीद ढूंढी जा रही है। 
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Coronavirus Drug Update - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
सीएसआईआर की लखनऊ स्थित प्रयोगशाला केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) को देश की शीर्ष दवा नियामक, औषधि महानियंत्रक (डीजीसीआई) ने कोरोना वायरस मरीजों के उपचार के लिए वायरसरोधी दवा 'उमिफेनोविर' के क्लीनिकल परीक्षण करने की अनुमति दे दी है।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
  • एक बयान में बताया गया है कि तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और एराज लखनऊ मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में किया जाएगा। इस दवा का इस्तेमाल करना सुरक्षित है और यह मानवीय कोशिकाओं में वायरस को प्रवेश करने से रोकती है।

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
इंफ्लूएंजा में है कारगर
  • उमिफेनोविर चीन और रूस में मुख्य रूप से इंफ्लूएंजा के लिए इस्तेमाल की जाती है और इसे कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के उपचार के लिए संभावित दवा के रूप में देखा जा रहा है।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सीडीआरआई के अनुसार जुलाई माह में इस औषधि का परीक्षण कोविड-19 के मरीजों पर किए जाने की संभावना है। उसका कहना है कि यदि क्लीनिकल परीक्षण सफल रहा, तो उमिफेनोविर कोविड-19 के खिलाफ एक सुरक्षित, प्रभावकारी एवं सस्ती दवा हो सकती है।
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नमूना लेते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
सीडीआरआई के निदेशक प्रोफेसर तापस कुंडू ने बताया कि सीडीआरआई का तीसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण लखनऊ की किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान और एराज लखनऊ मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल लखनऊ में किया जायेगा ।
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Coronavirus Test - फोटो : Social Media
उन्होंने बताया, 'इस दवा का प्रोफाइल अच्छा और सुरक्षित है और यह मानव कोशिकाओं में वायरस के प्रवेश को रोकने और प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करने का कार्य करती है। चीन और रूस में उमिफेनोविर का उपयोग मुख्य रूप से इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिये किया जाता है एवं अन्य किसी देश में यह उपलब्ध नहीं है।'

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
  • प्रो कुंडू ने बताया कि कोविड-19 के रोगियों के इलाज में इसके संभावित उपयोग के लिए इसे हाल में चिह्नित किया गया है। उन्होंने बताया कि लखनऊ स्थित सीडीआरआई ने रिकॉर्ड समय में उमिफेनोविर के निर्माण के लिए प्रक्रिया प्रौद्योगिकी विकसित की है।

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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : social media
  • उन्होंने बताया कि दवा के निर्माण और विपणन के लिये किफायती प्रक्रिया प्रौद्योगिकी का लाइसेंस मेडिजेस्ट फार्मास्यूटिकल प्राइवेट लिमिटेड, गोवा को दिया गया है, जिसने पहले ही इसके लिये औषधि महानियंत्रक से परीक्षण लाइसेंस प्राप्त कर लिया है ।
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दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
  • प्रो. कुंडू ने बताया कि दवा के लिये सारा कच्चा माल देश में उपलब्ध है और यदि क्लीनिकल परीक्षण सफल रहा, तो उमिफेनोविर कोविड-19 के खिलाफ एक सुरक्षित, प्रभावकारी एवं सस्ती दवा हो सकती है। उन्होंने कहा कि डीजीसीआई ने उच्च प्राथमिकता के आधार पर इस आवेदन को मंजूरी दी है ताकि भारतीय मरीजों को जल्द से जल्द यह दवा मिल सके।
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