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कोरोना पर दुनिया से अलग अमेरिका की राय- सामान या सतहों से नहीं फैलता वायरस!

Wed, 10 Jun 2020 08:01 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस पर अमेरिका की राय अलग - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
कोरोना वायरस संक्रमण फैलने के बारे में अबतक हम यही जानते आ रहे हैं कि यह एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। संक्रमित मरीज के खांसने, छींकने या बात करने के दौरान निकले ड्रॉपलेट्स यानी द्रव कणों के जरिए कोरोना वायरस फैलता है। या फिर अगर ये ड्रॉपलेट्स प्लास्टिक, मेटल, कार्डबोर्ड आदि सतहों पर पड़े तो उन सतहों के जरिए भी वायरस संक्रमण फैल सकता है। अलग-अलग सतहों पर वायरस कितनी देर तक जिंदा रह सकता है, इसको लेकर भी बहुत सारे अध्ययन हो चुके हैं। लेकिन सतहों के जरिए कोरोना वायरस संक्रमण फैलने को लेकर अमेरिका की राय दुनियाभर से अलग हो गई है। कुछ अन्य बिंदुओं पर भी अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी की राय ने दुनियाभर के विशेषज्ञों को चौंका दिया है। 
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कोरोना वायरस अधिकतर इंसानों से इंसानों में फैलता है(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
ताजा अपडेट में दावा
  • अमेरिका की शीर्ष स्वास्थ्य संस्था सीडीसी यानी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अपने ताजा अपडेट में यह दावा किया है कि कोरोना वायरस के सतहों के जरिए फैलने की संभावना नगण्य होती है। सीडीसी का दावा है कि कोरोना वायरस अधिकतर इंसानों से इंसानों में फैलता है। 
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Coronavirus - फोटो : Pixabay
सीडीसी की रिवाइज गाइडलाइन
  • अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी के ताजा दिशानिर्देश में लिखा गया है कि यह वायरस लोगों के बीच में यानी इंसानों से इंसानों में आसानी से फैलता है, जबकि इसके किसी सामान या सतह के जरिए आसानी से फैलने की संभावना कम होती है।

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Coronavirus - फोटो : Pixabay
संक्रमित सामान या सतह से नहीं फैलता वायरस
  • सीडीसी ने यह दावा किया है कि कोरोना वायरस दूसरे तरीकों से उतनी आसानी से नहीं फैलता है। दावा है कि कोरोना वायरस से संक्रमित (contaminate) सामान या कोई अन्य सतह कोरोना वायरस के प्रसार या संक्रमण का मुख्य जरिया नहीं माना जा सकता। सीडीसी ने जानवरों को भी वायरस ट्रांसमिशन के लिए खतरा नहीं बताया है।
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कोरोना से बचाव को शील्ड खरीदती महिला(File Photo) - फोटो : PTI
एसिम्प्टोमैटिक मरीजों पर भी डब्ल्यूएचओ से अलग राय
  • एसिम्प्टोमैटिक यानी बिना लक्षण वाले मरीजों को शुरुआत से ही कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण पाने में चुनौती बताया जाता रहा है। कारण कि लक्षण वाले मरीजों से तो लोग सावधान रह सकते हैं, लेकिन बिना लक्षण वाले मरीजों से दूरी कैसे बनाई जाए, जबकि उसके संक्रमित होने का पता ही न हो। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि एसिम्प्टोमैटिक मरीजों से कोरोना संक्रमण का खतरा बहुत कम है। संक्रमण का ट्रेंड देखते हुए इसे बड़ा कारण नहीं माना जा सकता। लेकिन सीडीसी की इस मामले में भी अलग राय है। 
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कोरोना से संक्रमित होने के बावजूद भी कई बार लक्षण नहीं दिखते(File Photo) - फोटो : PTI
संक्रमण के लिए बिना लक्षण वाले भी जिम्मेदार
  • डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, जिस तेजी से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उसे देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि एसिम्पटोमैटिक मरीज संक्रमण फैला रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर सीडीसी का दावा है कि बिना लक्षण वाले मरीजों से भी कोरोना वायरस आसानी से फैल सकता है। सीडीसी के मुताबिक, किसी शख्स में लक्षण नहीं भी दिखें या फिर वह बीमार महसूस न भी करे तो भी इस बेहद छोटे वायरस को फैलने में परेशानी नहीं होती। 
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कोरोना वायरस जांच (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay
आंतरिक समीक्षा के बाद अपडेट जारी
  • अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसी की प्रवक्ता क्रिस्टेन का कहना है कि बताया कि कोरोना संक्रमण के बारे में ये तमाम अपडेट जानकारियां इंटरनल रिव्यू यानी आंतरिक समीक्षा के बाद जारी किए गए हैं। सीडीसी की वेबसाइट के मुताबिक, कोरोना वायरस मुख्यत: किसी संक्रमित व्यक्ति के बोलने या खांसने पर निकलने वाली बंदूों के जरिए फैलता है। इसलिए दो लोगों के बीच की दूरी छह फीट होनी चाहिए। 

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Coronavirus - फोटो : Pexels
सीडीसी ने विशेषज्ञों को चौंकाया
  • कोरोना वायरस किसी सतह पर कितनी देर जीवित रहता है, इसको लेकर कई सारे अध्ययन हो चुके हैं। कार्डबोर्ड पर वायरस के 24 घंटे, प्लास्टिक या मेटल पर तीन दिन तक जिंदा रहने की बात सामने आ चुकी है। लेकिन सीडीसी के अपडेट के मुताबिक, सतहों पर वायरस के संक्रमण की क्षमता खत्म हो जाती है। सतहों के जरिए यह आसानी से नहीं फैलता। सीडीसी के अपडेट ने विषाणु विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। 
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कोरोना वायरस संक्रमण का दौर - फोटो : Pexels
नियमों के पालन पर होगा असर
  • कोलंबिया यूनिवर्सिटी के मेलमैन सकूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की वायरॉलजिस्ट एंजेला रसमूसन के मुताबिक सीडीसी द्वारा निर्देशों में बदलाव करना ठीक नहीं है। खासकर ऐसे समय में जब सरकार की बातें लोगों तक स्पष्ट तौर पर नहीं पहुंच पा रही है। इन अपडेट्स के कारण सोशल डिस्टेंसिंग और साफ-सफाई के नियमों का पालन करने पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। दुनिया के अन्य विशेषज्ञों को भी इससे आपत्ति हो सकती है। 
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