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क्या यह दुनिया का पहला ऐसा शहर है, जहां हर्ड इम्यूनिटी से खत्म हो रहा कोरोना संकट?

Wed, 10 Jun 2020 07:51 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इटली में मास्कर पहनकर घर से बाहर निकली महिलाएं(File Photo) - फोटो : PTI
कोरोना वायरस से इस समय दुनिया के कई देश जंग लड़ रहे हैं। चीन के वुहान से शुरू हुए इस वायरस ने अमेरिका, ब्रिटेन, इटली, स्पेन, भारत समेत कई देशों में तबाही मचा रखी है। यह वायरस फैला तो चीन से, लेकिन सबसे पहले और सबसे ज्यादा इसने इटली को तबाह किया। महज छह करोड़ की आबादी वाले इस देश में 2.34 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ गए, जबकि 34 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। अब इसी देश से एक राहत की खबर आ रही है। खबरों के मुताबिक, कहा जा रहा है कि इटली का एक शहर हर्ड इम्यूनिटी के करीब पहुंचता दिख रहा है और शायद इसी वजह से यहां कोरोना वायरस का संकट खत्म हो रहा है।

 
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
हर्ड इम्यूनिटी है क्या? 
  • अगर किसी बीमारी के खिलाफ टीकाकरण की मदद से बड़ी आबादी इम्यून यानी प्रतिरक्षित हो जाती है, तब बाकी बचे लोग भी बीमारी से सुरक्षित हो जाते हैं। इसका मतलब कि लोगों के शरीर में बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो गई हो। हर्ड इम्यूनिटी की एक स्थिति और होती है। 
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
ऐसे भी विकसित होती है हर्ड इम्यूनिटी
  • अगर कोई बीमारी जनसंख्या के बड़े हिस्से में फैल जाती है तो बाकी बचे लोग इससे सुरक्षित हो जाते हैं, यानी जनसमूह की रोग प्रतिरोधक क्षमता उस बीमारी से लड़ने में संक्रमित लोगों की मदद करती है। इस स्थिति में भी लोगों में बीमारी से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित हो चुकी होती है। 

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इटली में कोरोना वायरस संक्रमण(File Photo) - फोटो : एएनआई
बर्गामो में हालात 
  • बर्गामो में 23 अप्रैल से तीन जून के बीच करीब 10 हजार लोगों के ब्लड टेस्ट किए गए थे। इसके परिणाम ने विशेषज्ञों को चौंका दिया। देखा गया कि करीब 57 फीसदी लोगों में कोरोना से लड़ने केा एंटीबॉडी विकसित हो चुके हैं। 
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इटली में मिलान ट्रेन स्टेशन पर यात्रियों की जांच करते पुलिसकर्मी(File Photo) - फोटो : PTI
विशेषज्ञ भी मानते हैं
  • दुनियाभर के चिकित्सा विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग मानता है कि 60 से 70 फीसदी आबादी के कोरोना संक्रमित होने पर हर्ड इम्यूनिटी की स्थिति बन सकती है। ऐसा होने से लोगों में इससे लड़ने की एंटीबॉडी विकसित हो गई तो नए लोग न के बराबर संक्रमित होंगे और बचे हुए लोग भी सुरक्षित हो जाएंगे। 
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इटली में अंतिम संस्कार के लिए रखे गए ताबूत(File Photo) - फोटो : PTI
भरोसे वाला संकेत
  • बर्गामो के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, एंटीबॉडी टेस्ट के लिए रैंडम सैंपल लिए गए थे। अधिकारियों ने सैंपल को काफी व्यापक बताया और इस टेस्ट के परिणाम के बारे में कहा कि यह भरोसे वाला संकेत है। 
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इटली में कोरोना संक्रमण से बड़ी संख्या में लोगों की जाने गईं(File Photo) - फोटो : PTI
रिसर्च जारी है
  • हालांकि, आधिकारिक तौर पर अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना की एंटीबॉडी जिन लोगों में बन गई हो, वे कितने लंबे समय तक इस वायरस से सुरक्षित रह सकते हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक, इसको लेकर फिलहाल रिसर्च जारी है। उम्मीद है कि जल्द ही कुछ सकारात्मक जानकारी सामने आए।
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इटली में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की गई थी(File Photo) - फोटो : PTI
सख्त लॉकडाउन के बाद दी गई छूट
  • इटली के बर्गामो शहर में फरवरी में कोरोना का पहला मामला सामने आया था। इसके बाद शहर में सख्त लॉकडाउन की घोषणा की गई थी। लंबे समय तक सख्त लॉकडाउन के बाद इटली में बीते हफ्ते ही काफी हद तक ढील दी गई है।
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