कोरोना वायरस जांच (सांकेतिक तस्वीर)
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मालूम हो कि नासो फ्रिनजील से, स्वैब नमूनों से अलग किए गए आरएनए को पहले दो RT-qPCR टेस्टों में से एक का उपयोग करके परीक्षण किया गया था। फिर RT-NPCR का उपयोग करके जांच की गई थी और दोनों के परिणामों की तुलना की गई थी। शोध में पाया गया कि दोनों मानक RT-qPCR टेस्ट एक साथ लेने पर RT-NPCR टेस्ट, रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज चेन रिएक्शन द्वारा प्राप्त नमूनों में से 90 फीसदी को पहचानने में सक्षम था। इसने 13 फीसदी ऐसे नमूनों का भी पता लगाया, जो नमूनों के बीच पॉजिटिव थे, जबकि मानक RT-NPCR द्वारा निगेटिव बताए गए थे।