प्रतीकात्मक तस्वीर
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डॉ. हर्षवर्धन के ट्वीट के मुताबिक, 18-25 साल की उम्र के सिर्फ एक फीसदी मरीजों की ही कोरोना वायरस से मौत हुई है। कई विशेषज्ञ भी इस बात को मान चुके हैं कि नौजवानों में कोरोना का संक्रमण बढ़ तो रहा है, क्योंकि वो लापरवाही बरत रहे हैं, लेकिन मौत का खतरा उनमें बेहद ही कम है और इसकी वजह से अच्छी इम्यूनिटी, जो उन्हें कोरोना से जल्दी उबरने में मदद करती है।