च्यवनप्राश में कम से कम 36 जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है- सांकेतिक तस्वीर
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च्यवनप्राश में कम से कम 36 जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है। इसमें मिलाई जाने वाली आयुर्वेदिक औषधियां जैसे आंवला, ब्राह्मी आदि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं। आंवला में विटामिन सी होता है, जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिससे हमारा शरीर बीमारियों और वायरस से बचा रहता है। डाक्टर्स के अनुसार कोरोना वायरस सबसे ज्यादा व्यक्ति के फेफड़ों पर बुरा प्रभाव डालता है। च्यवनप्राश श्वसन संबंधित संक्रमण को रोकता है, फेफड़ों की कार्यप्रणाली में सुधार लाता है। इसलिए कोराना से बचाव के लिए च्यवनप्राश का सेवन फायदेमंद हो सकता है।