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Coronavirus: टीकाकरण में देरी से कोरोना के नए स्वरूप के पैदा होने की आशंका, वैज्ञानिकों ने किया आगाह

Tue, 19 Jan 2021 03:29 PM IST
सोनू शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस से अब तक नौ करोड़ 60 लाख से भी अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि 20 लाख 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। चूंकि इस वायरस के खिलाफ कई देशों में टीकाकरण अभियान तो चल रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही तेजी से इस वायरस के उत्परिवर्तन (म्यूटेशन) भी सामने आ रहे हैं। वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि जिस तरह से टीकाकरण में समय लग रहा है उससे कोरोना वायरस के ऐसे स्वरूप के पैदा होने की आशंका है जो मौजूदा परीक्षण के तरीकों में सामने ही नहीं आ पाएं और जिस पर मौजूदा इलाज और वैक्सीन का भी असर न हो। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना वायरस के विविध स्वरूप सामने आ रहे हैं और इसकी मुख्य वजह नए मामलों की उच्च दर है। उनका कहना है कि हर नए संक्रमण में वायरस को म्यूटेट करने का मौका मिलता है और इससे महामारी को नियंत्रित करने में काफी मुश्किलें आ सकती हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के नए स्वरूपों का पता लगाने के लिए प्रयास और भी तेज करने को कहा है। हाल ही में अमेरिका के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने कहा था कि ब्रिटेन में मिला कोरोना का नया स्ट्रेन मार्च तक अमेरिका में भी प्रकोप फैला सकता है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने कहा, 'हालांकि वायरस के नए स्ट्रेन से अधिक गंभीर बीमारी होने की आशंका तो नहीं होती, लेकिन यह आसानी से जरूर फैलता है, जिसकी वजह से अस्पताल में भर्ती होने वाले और इस वायरस से मरने वालों की संख्या में वृद्धि हो सकती है। अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. एंथोनी फौसी ने रविवार को कहा, 'हम इसे वाकई बहुत गंभीरता से ले रहे हैं।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना के इस नए स्ट्रेन पर मौजूदा टीके प्रभावी होंगे या नहीं, इसको लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी कंपनी फाइजर की कोरोना वैक्सीन की लैब में जांच की गई है, जिसमें यह नए स्ट्रेन के खिलाफ भी प्रभावी पाई गई है। 
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