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पुरुषों के लिए भी आ गया गर्भनिरोधक इंजेक्शन, ऐसे होगा इस्तेमाल

Wed, 20 Nov 2019 06:43 PM IST
Nilesh Kumar लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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गर्भनिरोधक इंजेक्शन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Amar Ujala
गर्भनिरोध के लिए महिलाओं के लिए कई सारे विकल्प हैं। दरअसल, अनचाहे गर्भ से बचने की जिम्मेदारी महिलाओं की ही मानी जाती रही है। गर्भनिरोधक गोलियां हो या कॉन्ट्रैसेप्टिव रिंग लगवाना हो, महिलाओं को ही इस्तेमाल करना होता है। पुरुषों के लिए कंडोम के अलावा दूसरा विकल्प पारंपरिक नसबंदी का होता है, लेकिन अब एक नया विकल्प सामने आया है। आइए, जानते हैं क्या है यह गर्भनिरोधक इंजेक्शन और यह कैसे काम करेगा:
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पुरुषों के लिए दुनिया का पहला गर्भनिरोधक इंजेक्शन बनकर तैयार हो गया है। इस इंजेक्शन का क्लीनिकल ट्रायल किया जा चुका है और यह सफल भी रहा है। वैज्ञानिकों का दावा है कि इस इंजेक्शन को 300 पुरुषों पर टेस्ट किया जा चुका है और पाया गया कि उन्हें कोई भी साइड इफेक्ट नहीं हुआ। यह इंजेक्शन पुरुषों की पारंपरिक नसबंदी के विकल्प के तौर पर काम करेगा।

 
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इस इंजेक्शन को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च(आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है। इस इंजेक्शन को पुरुषों के पेडू में लगाया जाएगा। पेडू यानी पेट और जांघ के बीच का हिस्सा। इस इंजेक्शन को लोकल एनेस्थीसिया की डोज के साथ दिया जाएगा।

 

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पुरुषों की पारंपरिक नसबंदी रोकने के लिए इस इंजेक्शन को तैयार किया गया है। एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इसे तैयार करनेवाले वैज्ञानिकों का दावा है कि एक बार लगवाने के बाद यह इंजेक्शन 13 साल तक प्रभावी रहेगा।

 
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गर्भ ठहरने के लिए भ्रूण बनने में स्पर्म की अहम भूमिका होती है। खासकर पुरुषों के लिए तैयार किया गया यह इंजेक्शन शरीर में एक पॉलिमर की तरह होगा, जिससे स्पर्म के टेस्टिकल्स बाहर निकलने से रोका जा सकेगा। ऐसा होने से संबंध बनाने वाली महिला का गर्भधारण नहीं होगा।

 
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मरे हुए व्यक्ति के स्पर्म से दो कन्याओं का जन्म - फोटो : amar ujala bureau
फिलहाल इस इंजेक्शन को भारतीय रेग्युलेटरी बॉडी से अप्रूवल मिलने का इंतजार है जिसमें करीब 6 से 7 महीने का वक्त लग सकता है। एक बार यह प्रक्रिया हो जाए उसके बाद यह बर्थ कंट्रोल इंजेक्शन नसबंदी का बेहतर विकल्प साबित हो पाएगा।
 
 
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ICMR
आईसीएमआर के सीनियर वैज्ञानिक डॉ आरएस शर्मा का कहना है कि तीसरे फेज के ट्रायल में 303 मरीजों पर इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया, जिसकी सफलता दर 97.3 फीसदी रही। साथ ही किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं रहा। उन्होंने बताया कि हमारा प्रॉडक्ट तैयार है और इसके लिए सरकार से अप्रूवल का इंतजार है।
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