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बिना ब्रेकफास्ट के स्कूल भेजने पर परीक्षा में फेल हो सकता है बच्चा, स्टडी में हुआ खुलासा?

Wed, 20 Nov 2019 04:09 PM IST
ललित फुलारा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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सुबह का नाश्ता
क्या आपका बेटा पढ़ाई में पिछड़ रहा है? या कमजोर है? यदि हां तो बेहतर होगा कि आप उसकी पढ़ाई पर ध्यान देने की बजाय उसके खाने-पीने और विशेष रूप से ब्रेकफास्ट यानी की सुबह के नाश्ते पर ध्यान दें। दरअसल, ब्रेकफास्ट का कनेक्शन बच्चे के परीक्षा परिणाम से है और यदि आपका बच्चा बिना ब्रेकफास्ट के स्कूल जाता है तो वह परीक्षा में फेल हो सकता है। आइए जानते हैं क्या सुबह के नाश्ते का कनेक्शन बच्चे की पढ़ाई से।

 
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सुबह का नाश्ता
दरअसल, हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक बच्चे के ब्रेकफास्ट का असर उसकी पढ़ाई पर पड़ता है। स्टडी के मुताबिक जो छात्र ठीक से ब्रेकफास्ट नहीं करते हैं या फिर सुबह बिना नाश्ता किए ही स्कूल चले जाते हैं व ना केवल पढ़ाई में पिछड़ जाते हैं बल्कि स्कूल की परीक्षा में भी बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं।

 
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breakfast
इस स्टडी में रिसर्चर्स ने पाया कि वे बच्चे जो रोजाना स्कूल ब्रेकफास्ट करके जाते हैं वे ब्रेकफास्ट नहीं करने वाले बच्चों की तुलना में स्कूल परीक्षा में ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करते हैं। ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में बच्चों के खान-पान और पढ़ाई से जुड़ी कई रोचक जानकारियां सामने आईंं।

 

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breakfast
लंदन की वेबसाइट डेली मेल डॉट यूके में प्रकाशित इस रिसर्च जर्नल के मुख्य शोधकर्ता ने डॉ कैटी एडोल्फ्स ने बताया कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ने वाले छोटे बच्चे जो ठीक से खाना नहीं खाते हैं और विशेष रूप से सुबह बिना ब्रेकफास्ट किए ही स्कूल चले जाते हैं उनकी दिमागी विकास अवरुद्ध होता है और वे पढ़ाई में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते हैं। स्टडी के मुताबिक सुबह बिना कुछ खाए ही स्कूल जाने से बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत ठीक से नहीं हो पाती है और इसका नतीजा उनकी परीक्षा पर पड़ता है।

 
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DHONI BREAKFAST
यह स्टडी मूल रूप से लंदन के स्कूलों में की गई जहां अधिकांश बच्चे सुबह का ब्रेकफास्ट किए बिना ही स्कूल पहुंचते हैं और इसका असर उनकी पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा परिणाम पड़ता है। आपको बता दें कि पूरे लंदन में लाखों बच्चे सुबह बिना नाश्ता किए स्कूल जाने की समस्या से जूझ रहे हैं।

 
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breakfast
रिसर्च के मुख्य शोधकर्ता डॉ कैटी एडोल्फ्स के मुताबिक पोषण युक्त खाने का सीधा संबंध बच्चों के दिमागी विकास से होता है। रिसर्चर ने पाया कि तकरीबन 300 स्कूलों और कॉलेजों के 30 फीसदी बच्चे ऐसे रहे जो बिना ब्रेकफास्ट के ही स्कूल जा रहे थे। रिसर्च का यह आंकड़ा वेस्ट यॉर्कशायर से जुड़ा हुआ है। 

 
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breakfast
रिसर्च में बताया गया है कि बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए पोषणयुक्त भोजन सबसे ज्यादा जरूरी है। यदि बच्चों को पोषणयुक्त अच्छा खाना मिले तो वह ना केवल पढ़ाई में तेज होंगे बल्कि उनका शारीरिक विकास भी होगा। 

 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
आपको बता दें कि भारत में भी कुपोषण की बड़ी समस्या है। सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए कई तरह की अभियान और योजनाएं चलाई हैं। वहीं बच्चों के लिए मिड डे मील योजना लंबे समय से चल रही है जिसमें बच्चों के पोषण का ध्यान रखा जाता है। बहरहाल, भारत के महानगरों में जहां एकल परिवारों का चलन बढ़  रहा है वहां भी बिना ब्रेकफास्ट के स्कूल पहुंचने वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 
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