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Constipation: छोटे बच्चों को भी होती है कब्ज की समस्या, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव के उपाय

Sat, 22 Jan 2022 06:25 PM IST
प्रकाश चंद जोशी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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बच्चों में कब्ज के लक्षण और बचाव के उपाय - फोटो : istock
डॉ. राजन गांधी
जनरल फिजिशियन, चाइल्डकेयर हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- एम.बी.बी.एस, डिप्लोमा सी.एच
अनुभव- 25 वर्ष

Medically Reviewed by Dr. Rajan Gandhi

कई तरह की ऐसी बीमारियां हैं, जिनसे लगभग हर एक दूसरा व्यक्ति ग्रसित है। वहीं, जिस तरह से आजकल का खानपान है, ऐसे में बीमारी होना भी आम हो चुका है। बस अंतर ये है कि कोई गंभीर बीमारी से ग्रसित होता है, तो कोई ऐसी बीमारी का शिकार होता है जिससे वो समय पर ठीक हो जाता है। लेकिन कई बीमारियां कितनी खतरनाक होती हैं, ये वही जानता है जिसे ये होती हैं। ऐसी ही एक खतरनाक बीमारी है कब्ज। अक्सर लोग ऐसा मानते हैं कि कब्ज की बीमारी सिर्फ बड़े लोगों को ही होती है, लेकिन ऐसा नहीं है। कब्ज की समस्या बच्चों को भी हो सकती है। बस बड़े लोग कब्ज के लक्षणों को पहचान लेते हैं, लेकिन बच्चेंइन्हें पहचान नहीं पाते और इसी वजह से वो किसी को बता भी नहीं पाते। तो चलिए जानते हैं इसके लक्षण कारण और बचाव के बारे में...
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बच्चों में कब्ज के लक्षण और बचाव के उपाय - फोटो : iStock
क्या है कब्ज की समस्या?
  • सबसे पहले ये समझना जरूरी है कि आखिर कब्ज की समस्या क्या है? क्योंकि किसी भी बीमारी के बारे में जानने से पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर ये होती क्या है? दरअसल, जब बच्चों की आंतों में तरल पदार्थों के अवशोषण में काफी ज्यादा समय लगता है, तो इससे मल पहले तो सूखता है और फिर वो कठोर होकर जमा होने लगता है। ऐसे में बच्चों को मल त्यागने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते मल कम मात्रा में निकलता है। मल त्यागते समय होने वाली परेशानी और मल का कम आना ही कब्ज की समस्या कहलाती है। इससे कोई भी बच्चा आसानी से ग्रसित हो सकता है।
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बच्चों में कब्ज के लक्षण और बचाव के उपाय - फोटो : iStock
ये हैं लक्षण
  • अब जब ये पता चल गया है कि कब्ज की समस्या होती क्या है, तो फिर इसके लक्षणों के बारे में जानना भी बेहद जरूरी है, तभी तो आप अपने बच्चों में इस समस्या को पहचान पाएंगे। वैसे तो इसके कई लक्षण हैं, लेकिन सबसे जरूरी लक्षणों में जो चीजें शामिल हैं, उनमें कठोर, जोर लगाकर और रुखा मल त्यागना, मल त्यागते समय पेट में दर्द होना, पेट में गैस बने रहना, पैरों में दर्द होना, बदहजमी होना, कमोजरी होना, सिर में दर्द होना, पेट भारी होना जैसे कई लक्षण शामिल हैं, जिनका आपको अपने बच्चे में ध्यान देना चाहिए और अगर उसमें ये लक्षण हैं तो आपको सचेत हो जाना चाहिए।

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बच्चों में कब्ज के लक्षण और बचाव के उपाय - फोटो : iStock
कारण भी जान लीजिए
  • कब्ज के कारण जानना भी जरूरी है, क्योंकि आखिर ये पता होना चाहिए कि आपके बच्चों को कब्ज की समस्या किन कारणों की वजह से हो रही है। कारणों पर नजर दौड़ाएं तो, बच्चों को ये समस्या इसलिए होती है क्योंकि, जब बच्चा किसी अन्य रोग से ग्रसित हो जाता है और फिर उसका खाना पीना बंद हो जाता है, जब बच्चों को स्तनपान के साथ ऊपर के दूध का सेवन करवाया जाता है, जब बच्चों को दूध के साथ सूखा अन्न खिलाया जाता है, बच्चों को डेयरी का दूध या वहां की बनी कई अन्य चीजों से भी कब्ज होती है, अगर आपका बच्चा नशीली चीजों जैसे-धूम्रपान, शराब आदि का सेवन करता है या बच्चे के शरीर में पानी की कमी है और साथ ही कुछ दवाइयां लेने के चलते भी कब्ज की समस्या बच्चों को हो जाती है।
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बच्चों में कब्ज के लक्षण और बचाव के उपाय - फोटो : iStock
ये हैं बचाव के उपाय
  • अब ये भी जान लीजिए कि आखिर अपने बच्चों की कब्ज दूर करने के लिए क्या उपाय करें, जो रामबाण साबित हो। इसके लिए आप अपने बच्चों को रोज सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर दे सकते हैं। इसका नियमित रूप से सेवन करने से कब्ज दूर होती है। आप कब्ज को दूर करने के लिए एक गिलास दूध में 1-2 चम्मच शहद और चीनी डालकर भी पी सकते हैं। इसके अलावा थोड़े अंजीर उबाल कर एक गिलास दूध में डालकर इस सोने से पहले अपने बच्चे को पिलाएं। इससे भी कब्ज दूर होने में काफी मदद मिलती है। यही नहीं, एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर पिलाने से भी बच्चों की कब्ज दूर होती है।

नोट: डॉ. राजन गांधी अत्यधिक योग्य और अनुभवी जनरल फिजिशियन हैं। इन्होंने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से अपना एमबीबीएस पूरा किया है। इसके बाद इन्होंने सीएच में डिप्लोमा पूरा किया। फिलहाल यह उजाला सिग्नस कुलवंती अस्पताल, कानपुर में मेडिकल डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट फिजिशियन के तौर पर काम कर रहे हैं। यह आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) के आजीवन सदस्य भी हैं। डॉ. राजन गांधी को इस क्षेत्र में 25 साल का अनुभव है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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