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ओमिक्रॉन संकट: कई देशों में कम्युनिटी स्प्रेड की स्थिति, जानिए क्यों इतनी तेजी से बढ़ रहा है संक्रमण?

Mon, 06 Dec 2021 05:22 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना का खतरा - फोटो : iStock
दुनिया के तमाम देशों में कोरोना का ओमिक्रॉन वैरिएंट लोगों के लिए गंभीर मुसीबतों का कारण बनता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे पहले 9 नवंबर को कोरोना के इस घातक वैरिएंट के संक्रमण के बारे में पता चला था, तब से अबतक यह कई देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। इतना ही नहीं अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति का कारण बन चुका है। भारत की बात करें तो पिछले तीन दिनों में यहां भी तेजी से मामलों में इजाफा देखने को मिला है, यहां अब तक 20 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में सामने आए ओमिक्रॉन के पहले मामले के बाद से अब तक कई देशों से इसके संक्रमण के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि कोरोना के इस वैरिएंट में 30 से अधिक म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो इसकी प्रकृति को बेहद संक्रामक बना रहे हैं। आइए आगे की स्लाइडों में दुनिया के तमाम देशों में इसकी स्थिति और इसके फैलने के प्रमुख कारणों के बारे में जानते हैं।
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ओमिक्रॉन संक्रमण का बढ़ रहा है खतरा - फोटो : Pixabay
इस वजह से बढ़ा नए वैरिएंट का खतरा
कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने दुनियाभर के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल वैक्सीनेशन को इसके गंभीर संक्रमण से बचाव के लिए सबसे उपयुक्त उपाय बताया जा रहा है। इस बीच  वैक्सीनेशन प्रचारकों का कहना है कि कोरोना के पिछले लहर की रफ्तार के थमने के बाद लोगों की लापरवाही और दुनियाभर के लोगों को टीका लगाने में विफलता ने ओमिक्रॉन के लिए आदर्श प्रजनन स्थल बनाया है। अगर पहले ही नीतियों को सही ढंग से प्रयोग में लाया गया होता तो इस संकट को रोका जा सकता था।
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कोरोना का बढ़ता जोखिम (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कई देशों में कम्युनिटी स्प्रेड के हालात
ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में कोरोनावायरस का ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से अपना पैर फैला रहा है। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक यहां कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति बनने लगी है। सिडनी के क्लस्टर न्यू साउथ वेल्स में कम से कम 15 लोगों में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामलों की पहचान हुई है। एहतियात के तौर पर अंतरराष्ट्रीय यातायात के नियमों को सख्त करने का फैसला किया गया है।

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ओमिक्रॉन के कारण बिगड़ते हालात - फोटो : Pixabay
ब्रिटेन में तेजी से बिगड़ रहे हैं हालात
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ब्रिटेन में कोरोना के मामलों में एक दिन में ही 50 फीसदी से अधिक का उछाल देखने को मिला है। रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना का यह नया वैरिएंट 23 से अधिक देशों में फैल चुका है। सभी सरकारों को जल्द से जल्द सख्त कदम उठाते हुए संक्रमण की रफ्तार को कम करने के प्रयास करने चाहिए।
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कोरोना से बचाव के करें उपाय - फोटो : pixabay
डेल्टा से खतरनाक नहीं है ओमिक्रॉन?
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के मुख्य चिकित्सा सलाहकार, डॉ. एंथनी फौसी कहते हैं, ओमिक्रॉन की गंभीरता के बारे में निष्कर्ष निकालने से पहले वैज्ञानिकों को विस्तृत रूप से इसका अध्ययन करना आवश्यक है। कोरोना का यह वैरिएंट बहुत तेजी से देशभर में फैल रहा है, हालांकि इसके शुरुआती संकेत बताते हैं कि यह डेल्टा से कम खतरनाक हो सकता है। फिलहाल ओमिक्रॉन के खतरे से बचे रहने के लिए लोगों को सभी आवश्यक उपायों का पालन करते रहना बहुत जरूरी है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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