फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Heart Attack: ज्यादातर हार्ट अटैक के लिए यही पांच कारण होते हैं जिम्मेदार, आपको भी तो नहीं हैं ऐसी दिक्कतें?

Sun, 09 Nov 2025 07:16 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ लाइफस्टाइल ने हृदय स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है। हार्ट अटैक के ज्यादातर मामलों के लिए छह प्रमुख कारणों को जिम्मेदार माना जाता रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। 
विज्ञापन
1 of 5
हृदय रोग औऱ हार्ट अटैक का खतरा - फोटो : Freepik.com
हृदय रोगों के मामले वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अब ये सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही है, कम उम्र के लोग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। हाल के वर्षों में आपने भी हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट से युवाओं की मौत की कई खबरें देखी-सुनी होगी।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, देश में हृदय रोग चिंता का एक प्रमुख कारण रहा है। फास्ट फूड, जंक फूड, अधिक तेल, नमक और चीनी वाले आहार हृदय के लिए बेहद खतरनाक हैं। इसके कारण हार्ट अटैक जैसी जानलेवा स्थितियों का जोखिम भी बढ़ता जा रहा है जिसको लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को अलर्ट करते हैं।

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, अपने जोखिमों को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों को हार्ट हेल्थ को लेकर अलर्ट रहने की आवश्यकता होती है। कुछ जोखिम कारक हैं जिन्हें ज्यादातर हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है, सभी लोगों को इस बारे में जानना और बचाव के उपाय करते रहना जरूरी है।
विज्ञापन

2 of 5
हृदय स्वास्थ्य की समस्याएं - फोटो : adobe stock images
हृदय रोगों का बढ़ता खतरा

हृदय रोग विशेषज्ञ कहते हैं, गड़बड़ लाइफस्टाइल ने हृदय स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा क्षति पहुंचाई है। हार्ट अटैक के ज्यादातर मामलों के लिए पांच प्रमुख कारणों को जिम्मेदार माना जाता रहा है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है।

आमतौर पर ये छिपे हुए जोखिम केवल तब दिखाई देते हैं जब बहुत देर हो चुकी होती है, जिससे किसी के लिए भी इसका पता लगाना और रोकथाम करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

आइए हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार स्थितियों और इससे बचाव के तरीकों के बारे में जानते हैं।
विज्ञापन

3 of 5
आहार पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com
असंतुलित जीवनशैली और खराब खान-पान
  • शोध बताते हैं कि लगातार असंतुलित आहार लेने से खून में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है, जिससे धमनियों में प्लाक जमने की समस्या होती है। यह स्थिति हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ा देती है। अगर आपका खानपान भी ठीक नहीं है तो सावधान हो जाइए, इससे हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है। 

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
  • जब धमनियों पर लगातार रक्त का दबाव पड़ता है, तो उनकी दीवारें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं। इससे हृदय पर भी दबाव बढ़ता है जिससे हार्ट अटैक होने का खतरा बढ़ जाता है। जिन लोगों का ब्लड प्रेशर अक्सर बढ़ा हुआ रहता है उन लोगों में हार्ट अटैक होने का खतरा अधिक होता है।

4 of 5
धूम्रपान के कारण हृदय की बीमारियां - फोटो : Freepik.com
धूम्रपान और शराब
  • सिगरेट, शराब और तंबाकू उत्पादों का सेवन हृदय की सेहत के लिए सबसे बड़ा दुश्मन है। धूम्रपान से रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा घटती है और कार्बन मोनोऑक्साइड हृदय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है। वहीं, शराब का अत्यधिक सेवन ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि धूम्रपान करने वालों में हार्ट अटैक का जोखिम 2 से 4 गुना अधिक होता है।

शारीरिक निष्क्रियता और मोटापा
  • युवाओं में सेडेंटरी लाइफस्टाइल, व्यायाम की कमी से ब्लड सर्कुलेशन, मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर बुरा असर पड़ता है। इससे मोटापा, हाई बीपी और डायबिटीज जैसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं, जो हार्ट अटैक के बड़े कारण हैं। जिन लोगों का बीएमआई 30 से अधिक होता है, उनमें हृदय रोग का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में 70% ज्यादा होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
तनाव का दिल की सेहत पर असर - फोटो : Freepik.com
तनाव और नींद की कमी
  • तनाव और नींद की समस्याएं आज के युवाओं में काफी आम हैं। लगातार तनाव से शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ब्लड प्रेशर और हृदय गति पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं, नींद की कमी से शरीर का ब्लड शुगर और लिपिड प्रोफाइल असंतुलित हो जाता है। जर्नल ऑफ द अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में प्रकाशित शोध के मुताबिक, जो लोग रोजाना 6 घंटे से कम सोते हैं, उनमें हृदय रोग का खतरा 20-25% अधिक पाया गया।



---------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें