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World Diabetes Day 2025: मीठा खाने के अलावा ये आदतें भी बढ़ा देती हैं डायबिटीज का खतरा, बरतें ये सावधानियां

Sun, 09 Nov 2025 11:34 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

हमारे देश में बहुत से लोग डायबिटीज की समस्या से ग्रसित हैं और कई ऐसे हैं जिनमें प्री डायबिटीज के लक्षण दिखते हैं। हैरानी की बात यह है कि बहुत से लोगों लगता है कि यह सिर्फ मीठा खाने से होता है, लेकिन आइए इस लेख में जानते हैं कि मीठा खाने के अलावा किन वजहों से डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।
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डायबिटीज - फोटो : Amar Ujala
World Diabetes Day 2025: हर साल 14 नवंबर को वर्ल्ड डायबिटीज डे मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य इस वैश्विक महामारी के बारे में जागरूक करना है। अगर सिर्फ भारत के आंकड़े देखें तो लगभग 10 करोड़ से अधिक लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। अक्सर कुछ लोग मानते हैं कि डायबिटीज सिर्फ अधिक मीठा खाने से होता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार आपकी दैनिक जीवन शैली की कुछ अनदेखी आदतें भी इस बीमारी के खतरे को तेजी से बढ़ा देती हैं। 

डायबिटीज एक ऐसी स्थिति है जब शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या उसका सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है। ऐसे में डायबिटीज की वजह से मोटापा, हृदय रोग, स्ट्रोक, किडनी रोग और नसों से संबंधित अन्य कई बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।

इसलिए अगर समय रहते आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं, और उन गलतियों को सुधार लेते हैं तो आपमें डायबिटीज का जोखिम बहुत हद तक कम हो सकता है। आइए इस लेख में उन्हीं आदतों के बारे में विस्तार से जानते हैं। 
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स्ट्रेस - फोटो : Adobe Stock
क्रोनिक तनाव और कोर्टिसोल का प्रभाव
तनाव डायबिटीज का एक प्रमुख अनदेखा जोखिम है। जब आप लंबे समय तक तनाव में रहते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल नामक हार्मोन जारी करता है। कोर्टिसोल का उच्च स्तर लिवर को अधिक ग्लूकोज (शुगर) बनाने के लिए उत्तेजित करता है, जिससे रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।

क्रोनिक तनाव की यह स्थिति धीरे-धीरे कोशिकाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस पैदा करती है, यानी कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति संवेदनशील नहीं रहतीं। तनाव प्रबंधन के लिए योग और मेडिटेशन जरूरी है।
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नींद नहीं आना - फोटो : Adobe Stock
पर्याप्त और गहरी नींद की कमी
रोजाना 7-8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद न लेना भी डायबिटीज के जोखिम को बढ़ाता है। नींद की कमी रातोंरात इंसुलिन संवेदनशीलता को गंभीर रूप से कम कर सकती है। खराब या कम नींद भी कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाती है और भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोन (लेप्टिन और ग्रेलिन) को बिगाड़ती है। नींद की कमी से व्यक्ति को मीठा और कार्ब्स खाने की इच्छा अधिक होती है, जो जोखिम को बढ़ाता है।

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सेडेंटरी लाइफस्टाइल - फोटो : Freepik
गतिहीन जीवनशैली
आजकल बहुत से लोग दफ्तर में घंटो तक बैठकर काम करते हैं, ये आदत भी डायबिटीज का बड़ा कारण है। शारीरिक गतिविधि की कमी से मांसपेशियां इंसुलिन का उपयोग करके ग्लूकोज को ऊर्जा में बदलना बंद कर देती हैं।

इसलिए सक्रिय जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्यायाम करें, इससे मांसपेशियां इंसुलिन का उपयोग किए बिना ही ग्लूकोज को खींच लेती हैं। नियमित व्यायाम की कमी से इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।

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डायबिटीज - फोटो : Freepik.com
बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
डायबिटीज से बचाव के लिए मीठा और प्रोसेस्ड फूड्स छोड़ें। रोजाना 30-45 मिनट की तेज वॉक करें ताकि मांसपेशियां सक्रिय रहें। सोने का एक निश्चित समय तय करें और हर रात 7 से 8 घंटे की गहरी नींद लें। इसके अलावा तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

ये तीनों बदलाव करके आप न सिर्फ अपने डायबिटीज के जोखिम को कम कर लेंगे बल्कि अगर आपको पहले सी भी प्रीडायबिटीज है तो ये आदतें आपके इंसुलिन और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करेंगे।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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