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सावधान: क्या आप बहुत अधिक सोचते या चिंतित रहते हैं? यह छोटी सी आदत कहीं बड़ी दिक्कतों का न बन जाए कारण

Mon, 29 May 2023 05:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला. नई दिल्ली
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चिंता तनाव के कारण होने वाली समस्याएं - फोटो : iStock
नकारात्मक परिस्थितियों में चिंतित होना स्वाभाविक है, ये समय के साथ स्वत: ठीक भी हो जाती है। हालांकि अगर आप अक्सर चिंतित या तनाव में रहते हैं तो फिर आपको सावधान हो जाने की आवश्यकता है। यह न सिर्फ आपमें अवसाद जैसी गंभीर समस्याओं के खतरे को बढ़ाने वाली समस्या हो सकती है साथ ही इसके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी कई दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को स्ट्रेस कंट्रोल करने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं।

डॉक्टर कहते हैं, आपकी चिंता अगर लंबे समय तक बनी रहती है और यह कंट्रोल नहीं हो रही है तो इस बारे में डॉक्टरी सलाह जरूर ले लें। यह आपके स्वास्थ्य के लिए दिक्कतें बढ़ा सकती है। चिंता-तनाव की समस्या तंत्रिका तंत्र, डायबिटीज से लेकर ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक तक का खतरा बढ़ाने वाली हो सकती है।

वहीं जिन लोगों को पहले से ही ये दिक्कतें हैं और वह अधिक चिंता करते हैं तो इससे उनकी जटिलताओं के बढ़ने का भी जोखिम हो सकता है।
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डायबिटीज की समस्या और उपचार - फोटो : istock
डायबिटीज रोगियों की बढ़ सकती है जटिलताएं

जब आप किसी चीज के बारे में चिंतित होते हैं, तो स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल रिलीज होता है। यह आपके रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि स्ट्रेस वैसे तो मधुमेह का कारण नहीं बनती है लेकिन यह आपके रक्त शर्करा के स्तर को गंभीर रूप से प्रभावित जरूर कर सकती है।

ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव आंखों से लेकर हृदय रोग और तंत्रिकाओं को प्रभावित करने लगती है। यही कारण है कि डायबिटीज रोगियों को तनाव प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।
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नर्वस सिस्टम की दिक्कतें - फोटो : istock
तंत्रिकाओं पर दुष्प्रभाव

तंत्रिकाएं मैसेजिंग नेटवर्क की तरह काम करती हैं। बहुत अधिक चिंता करना स्ट्रेस हार्मोन को ट्रिगर कर सकता है जो आपकी हृदय गति और श्वास को प्रभावित करने लगती है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि अगर लंबे समय तक अनियंत्रित स्थित में तनाव की दिक्कत बनी रहती है तो इससे रक्त शर्करा और तंत्रिकाओं की दिक्कत बढ़ सकती है। यही कारण है कि स्ट्रेस-डिप्रेशन के शिकार लोगों में स्ट्रोक होने का खतरा भी अधिक होता है। 
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हृदय की समस्याएं - फोटो : Istock
हृदय स्वास्थ्य पर असर

यदि तनाव की समस्या काफी लंबे समय तक बनी रहती है, तो इसके कारण आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ रह सकता है। हाई ब्लड प्रेशर को दिल का दौरा पड़ने या स्ट्रोक होने के जोखिमों से जोड़कर देखा जाता है। अगर आपको चिंता बनी रहती है तो इसमें रिलीज होने वाले कोर्टिसोल हार्मोन आपके दिल की धड़कन को तेज कर देता है। यदि ऐसा बार-बार होता है, तो आपकी रक्त वाहिकाओं में सूजन हो सकती है, जिससे गंभीर हृदय रोगों का खतरा रहता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, स्ट्रेस को कंट्रोल में रखना बहुत आवश्यक है। इसे सिर्फ मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिमों तक ही जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, यह पूरे शरीर के लिए समस्याकारक है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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