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Fatigue Syndrome: सुस्ती, एकाग्रता में कमी और खराब स्लीप साइकिल से हैं परेशान? हो सकता है इस बीमारी का खतरा

Wed, 14 May 2025 08:40 AM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अक्सर लोगों को थकान की समस्या रहती है। कई बार कुछ लोगों को बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय से थकान बनी रहती है। ये गंभीर बीमारी क्रोनिक फटीग सिंड्रोम का संकेत हो सकता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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थकान - फोटो : Freepik
Chronic Fatigue Syndrome: क्रोनिक फटीग सिंड्रोम (सीएफसी) एक ऐसी जटिल स्वास्थ्य स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान, सुस्ती, एकाग्रता में कमी होती है। इसके साथ ही स्लीप साइकिल भी खराब हो जाती है, और कहीं भी नींद आने लगती है। यह थकान इतनी गंभीर हो सकती है कि रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

अगर आप भी इन लक्षणों से परेशान हैं, तो यह क्रोनिक फटीग सिंड्रोम का संकेत हो सकता है। अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते इस बीमारी पर ध्यान दे दिया जाए तो इसे कंट्रोल किया जा सकता है। आइए इस लेख में इस बीमारी के बचाव और सावधानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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थकान - फोटो : Freepik
क्रोनिक फटीग सिंड्रोम क्या है?
  • क्रोनिक फटीग सिंड्रोम जिसे मायल्जिक एन्सेफेलोमाइलाइटिस भी कहा जाता है, एक दीर्घकालिक स्थिति है। इसके कई लक्षण हो सकते हैं, जैसे-
  • बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय से थकान महसूस होना,
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • नींद की समस्या होना
  • एकाग्रता में कमी
  • सिरदर्द होना
 
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थकान - फोटो : Freepik
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह थकान आराम करने या सोने से भी ठीक नहीं होती। यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है, लेकिन महिलाओं में यह अधिक आम है। अगर इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह डिप्रेशन और सामाजिक अलगाव का कारण बन सकता है।

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थकान - फोटो : Freepik
बचाव और सावधानियां
 
  • हालांकि सीएफसी का कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन अच्छी जीवनशैली अपनाकर इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है।
  • अपनी एनर्जी को बैलेंस करने के लिए दिनचर्या में नियमितता लाएं। बहुत अधिक काम या आराम से बचें। छोटे-छोटे कार्यों को प्राथमिकता दें और बीच-बीच में ब्रेक लें। रोजाना एक निश्चित समय पर सोने और जागने की आदत डालें।
  • अत्यधिक थकान होने पर भी हल्का व्यायाम, जैसे योग, स्ट्रेचिंग या 10-15 मिनट की सैर करें, इससे शरीर एक्टिव रहता है। ओवरएक्सर्शन से बचें, क्योंकि यह लक्षणों को और बिगाड़ सकता है। डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लें।
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थकान - फोटो : Freepik
  • विटामिन-बी12, विटामिन-डी, ओमेगा-3 और मैग्नीशियम से भरपूर आहार लें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त भोजन ऊर्जा के स्तर को बनाए रखते हैं।
  • तनाव सीएफसी के लक्षणों को ट्रिगर कर सकता है। रोजाना 10 मिनट मेडिटेशन करें और अपनी भावनाओं को डायरी में लिखें।
  • खराब स्लीप साइकिल सीएफसी को और गंभीर बनाती है। सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करें और शांत माहौल बनाएं। सोने और जागने का निश्चित समय रखें।
  • अगर लक्षण 3 महीने से अधिक समय तक बना रहे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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