डॉ शर्मिला सिंह
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बदलते वक्त से कैसे बिठाएं सामंजस्य बता रही हैं पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज, एल्डिको की प्रिंसिपल डॉ. शर्मिला सिंह।
रोकने की कोशिश न करें, डरे नहीं
सबसे पहले तो परिवर्तन को रोकने की कोशिश न करें। यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। कभी-कभी ये बदलाव अच्छे भी हो सकते हैं और कभी हमारे विरुद्ध भी। इसे रोकने के हमारे सारे प्रयास निष्फल ही होंगे, इसलिए खुद को नए हालात के लिए तैयार करें। सामान्यत: लोग बदलाव से डरते हैं और यह एक मानवीय आदत का हिस्सा है। दरअसल लोगों को डर होता है कि वे कहीं बदलाव के कारण विपरीत परिस्थितियों में न फंस जाएं या फिर कहीं वे अपनी वर्तमान सफलता को खो न बैठें। किसी के भी खिलाफ लड़ने से बेहतर है कि सोच को सकारात्मक रखें।