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Chaitra Navratri 2025: व्रत कैसे हमारे शरीर और दिमाग को डिटॉक्स करता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Fri, 28 Mar 2025 07:55 PM IST
शिखर बरनवाल हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नवरात्रि में व्रत रखना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से व्रत किया जाए तो ये वजन घटाने, पाचन सुधारने और मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। आइए इस लेख इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
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चैत्र नवरात्रि 2025: व्रत रखने के फायदे - फोटो : Adobe Stock
Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि 2025 का शुभारंभ 30 मार्च से हो रहा है, और बहुत से लोग नवरात्र में नौ दिनों का व्रत रहते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत रखने से मनोवांछित फल की प्राप्ती होती है। आमतौर पर यह व्रत वयस्कों से लेकर बुजुर्गों तक सभी रखते हैं। व्रत को कई अध्ययनों में सेहत के लिए लाभकारी बताया गया है। अगर सही तरीके से व्रत किया जाए, तो ये न सिर्फ आपको तरोताजा रखता है, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत दिला सकता है। आइए जानते हैं कि नवरात्रि का व्रत आपके शरीर और मन को कैसे डिटॉक्स करता है और इसके फायदे क्या हैं?

व्रत का मतलब सिर्फ भूखा रहना नहीं है। ये शरीर को आराम देने और उसे साफ करने का एक अच्छा तरीका है। नवरात्रि में लोग जंक फूड, तला-भुना और भारी खाना छोड़कर हल्का और सात्विक भोजन करते हैं, जैसे फल, कुट्टू का आटा, साबूदाना और दूध। व्रत रहने से पाचन तंत्र को राहत मिलता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, व्रत के दौरान कम कैलोरी लेने से शरीर अपनी संचित ऊर्जा का इस्तेमाल करता है, जिससे फैट बर्न होता है और डिटॉक्स प्रक्रिया तेजी से होती है। नवरात्रि का व्रत शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है, आइए एक-एक करके जानते हैं...
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चैत्र नवरात्रि 2025: पाचन तंत्र मजबूत होता है - फोटो : Freepik.com
पाचन तंत्र मजबूत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, व्रत रखने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। दरअसल, सामान्य दिनों जब हम कुछ भी खाते हैं, चाहें वो सामान्य भोजन हो या जंक फूड हो, इससे पेट पर जोर पड़ता है। नवरात्रि के दौरान व्रत में हल्का भोजन करने से पाचन तंत्र को ब्रेक मिलता है, और अंगों को आराम मिलता है। इससे कब्ज, गैस और ब्लोटिंग जैसी समस्याएं कम होती हैं।

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चैत्र नवरात्रि 2025: व्रत वजन घटाने में सहायक - फोटो : freepik
वजन घटाने में सहायक
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर सही तरीके से व्रत किया जाए, तो नवरात्रि का उपवास वजन घटाने में भी सहायक हो सकता है। इस दौरान फल, कुट्टू का आटा, तिल के लड्डू, आलू और दही जैसे आहार लिए जाते हैं। इन खाद्य पदार्थ में भरपूर मात्रा में विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट्स और प्रोबायोटिक्स मिलता है, जो सेहत के लिए फायदेमंद होता है। व्रत में खाए जाने वाले ये आहार कैलोरी को कम रखते हैं, लेकिन शरीर को जरूरी पोषण देते हैं।

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चैत्र नवरात्रि 2025: बॉडी डिटॉक्स - फोटो : Adobe Stock
शरीर डिटॉक्स होता है
नवरात्रि व्रत के दौरान लोग जूस पीने पर जोर देते हैं, साथ वाटर इनटेक भी बढ़ा देते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अधिक पानी पीने से किडनी साफ होती है और त्वचा में भी निखार आता है। ये डिटॉक्स प्रक्रिया शरीर के विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालता है, जिससे आप हल्का महसूस करते हैं।

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चैत्र नवरात्रि 2025: मन को मिलती है शांति - फोटो : Adobe stock photos
मन को मिलती है शांति
व्रत का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, ये मन को भी डिटॉक्स करता है। नवरात्रि में भक्ति, मंत्र जाप और ध्यान से मानसिक तनाव कम होता है। सात्विक भोजन करने से दिमाग शांत रहता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि जब हम भारी भोजन से परहेज करते हैं, तो शरीर में सेरोटोनिन जैसे हार्मोन बढ़ते हैं, जो खुशी और सुकून का एहसास कराते हैं। नौ दिन की ये प्रक्रिया मन को साफ और सकारात्मक बनाती है।
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चैत्र नवरात्रि 2025 - फोटो : adobe stock
सही तरीके से व्रत करें
व्रत का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, ये मन को भी डिटॉक्स करता है। व्रत के फायदे तभी मिलते हैं, जब इसे सही तरीके से किया जाए। दिन में 2-3 लीटर पानी पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन न हो। फल, नट्स और दही जैसे हल्के स्नैक्स लें। साथ ही सुबह में योग करें ये टहलें, इससे डिटॉक्सिफिकेशन तेजी से होता है।

नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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