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सेहत की बात: सर्वाइकल कैंसर के लिए भारत में जल्द टीकाकरण, जीका वायरस की वैक्सीन पर भी आई बड़ी खबर

Tue, 13 Dec 2022 04:15 PM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सर्वाइकल कैंसर के लिए मिल गई वैक्सीन - फोटो : istock
जीका वायरस ने एक बार फिर भारत में दस्तक दी है। हाल ही में कर्नाटक में जीका वायरस का पहला मामला सामने आया, जब एक पांच साल की बच्ची में इस संक्रमण की पुष्टि हुई। जीका वायरस को लेकर बढ़ी चिंता के बीच एक महत्वपूर्ण खबर भी सामने आई है। राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (NTAGI) के प्रमुख डॉ. एन के अरोड़ा ने जानकारी दी है कि जीका वायरस की वैक्सीन पर काम किया जा रहा है। भारत में जीका वायरस की वैक्सीन का निर्माण किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही वायरस को लेकर गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चों की निगरानी भी जा रही है। ध्यान दें कि गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकती है, जिससे भ्रूण को भी नुकसान पहुंच सकता है।

डॉ. एन के अरोड़ा ने सर्वाइकल कैंसर के मरीजों को भी राहत की जानकारी दी है। दरअसल, सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए कारगर वैक्सीन मिल गई है। एचपीवी वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर का इलाज किया जा सकता है। भारत में जल्द ही इस क्षेत्र में कदम उठाया जाएगा। एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत 9 से 14 साल की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन का डोज दिया जा सकता है। आइए जानते हैं जीका वायरस की वैक्सीन और सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन के बारे में।
 
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जीका वायरस - फोटो : अमर उजाला
क्या है जीका वायरस

जीका वायरस एक मच्छर जनित बीमारी है, जो एडीज मच्छर से फैलती है। वाराणसी में स्थित एक अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर मृत्युंजय पाठक के मुताबिक, एडीज मच्छरों की यह प्रजाति डेंगू और चिकनगुनिया की भी वजह बनती है।
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जीका वायरस के लक्षण - फोटो : Amar ujala
जीका वायरस के लक्षण

वैसे तो जीका वायरस के शिकार लोगों में अक्सर लक्षण नजर नहीं आते और मच्छर से संक्रमण फैलने के कारण इसे डेंगू जैसा ही माना जाता है। लेकिन जीका वायरस के कुछ हल्के लक्षण हो सकते हैं। जीका वायरस के रोगी को बुखार, चकत्ते, जोड़ों, और आंखों के पीछे दर्द, उल्टी जैसी दिक्कत हो सकती है। डेंगू के लक्षण भी ऐसे ही होते हैं। इस कारण दोनों में अंतर करना कठिन हो जाता है।

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जीका वायरस से बचाव - फोटो : Amar ujala
जीका वायरस का इलाज व बचाव

इंडियाज वर्किंग ग्रुप ऑफ कोविड के चेयरमैन व नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के डॉ. एनके अरोड़ा ने बताया कि जीका वायरस को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि देश के वैज्ञानिक इससे बचाव के लिए वैक्सीन बनाने की तैयारी में जुट गए हैं।

हालांकि मौजूदा समय में जीका वायरस का कोई इलाज नहीं है। जीका वायरस से संक्रमित मरीज को निदान के लिए आराम करने, अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी जाती है, साथ ही इलाज के लिए लक्षणों को कम करने वाली दवा दी जा सकती है। जीका वायरस से बचाव के लिए मच्छरों से बचाव करना जरूरी है।
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सरवाइकल कैंसर - फोटो : Agency (File Photo)
सर्वाइकल कैंसर के लिए मिल गई वैक्सीन 

सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला चौथा सबसे आम कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा में विकसित होता है। भारत में सर्वाइकल कैंसर के रोगी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल 122,844 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का पता चलता है, वहीं 67 हजार से अधिक महिलाओं की इस बीमारी से मौत हो जाती है। सितंबर में सर्वाइकल कैंसर के लिए देश की पहली स्वनिर्मित वैक्सीन लॉन्च की गई। वहीं अब एचपीवी वैक्सीन को भी सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए असरदार पाया गया है और जल्द ही टीकाकरण शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। 

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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